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हाथियों के झुंड ने वन कर्मियों और ग्रामीणों को खदेड़ा

Tue, 13 Sep 2016 11:09 PM IST
पीलीभीत, अमर उजाला ब्यूरो
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 टाइगर रिजर्व के वन कर्मियों व ग्रामीणों की मेहनत के बावजूद शारदा नदी के पार नेपाल से आए हाथियों का झुंड वापस नहीं जा सका। मंगलवार सुबह हाथियों को खदेड़ने गए वन कर्मियों व ग्रामीणों को हाथियों के झुंड ने ही खदेड़ दिया। स्थानीय वन महकमा हाथियों को हटाने के लिए अब नेपाल की शुक्लाफांटा सेंच्यूरी के वनकर्मियों का सहयोग लेगा।
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  टाइगर रिजर्व के कंपार्टमेंट आठ में करीब तीन-चार दिन पहले 10-11 हाथियों का झुंड आ घुसा था। इन हाथियों ने गुन्हान के करीब एक दर्जन से अधिक किसानों की खेतों में पकी खड़ी धान की फसल को रौंद डाला था। हाथियों का झुंड शारदा व वमनी नदी के संगम के किनारे डेरा जमाए हुए हैं। वनकर्मियों के मुताबिक हाथियों का झुंड दिन में यही नदी के किनारे रहता है लेकिन रात को कृषि फसलों को चौपट कर रहे हैं। वन विभाग की टीम ने सोमवार को हाथियों के पगमार्क से उनकी मौजूदगी को चिह्नित किया। इधर मंगलवार सुबह डिप्टी रेंजर दिग्विजय सिंह, क्षेत्रीय वन रक्षक सोमप्रकाश सहित एक दर्जन वनकर्मी ग्रामीणों के साथ नाव से शारदा नदी से होते हुए उस इलाके में पहुंचे। वनकर्मियों व ग्रामीणों ने एकजुट होकर हाथियों को नेपाल की ओर खदेड़ने के उद्देश्य से टायर जलाकर व पटाखे दागकर उन्हें खदेड़ने का प्रयास किया। बताते हैं कि इस पर हाथियों के झुंड ने वन कर्मियों व ग्रामीणों को ही खदेड़ डाला। हाथियों का झुंड अपनी ओर आता देख टीम बैरंग लौट आई। वनकर्मियों ने बताया कि अब नेपाल की शुक्ला फांटो सेंच्युरी के वनकर्मियों का भी इसमें सहयोग लिया जाएगा। खुली सीमा होने के चलते उसी ओर से यह हाथियों का झुंड यहां पहुंचा है। उन्होंने बताया कि पहले हाथी आते तो थे, लेकिन कुछ समय रुकने के बाद चले जाते थे, लेकिन इस बार यह हाथी यहां चार पांच दिन से है। ऐसे में इन्हें यहां से हटाना जरूरी हो गया है। मामले की सूचना रेंजर के माध्यम से उच्चाधिकरियों को दी जाएगी। इधर, किसानों ने डीएम व वन महकमे के आला अफसरों को ज्ञापन भेजकर हाथियों को हटाने व बर्बाद हुई कृषि फसलों का मुआवजा दिलाने की मांग की है।
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