अपनों की कमी छुपा रहे वन संरक्षक: हेमराज
सपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री हेमराज वर्मा ने बाघ के हमले में महिला की मौत मामले में वन संरक्षक वीके सिंह के दावों सिरे से खारिज करते हुए इसे वन कर्मियों की कमियों को छुपाने वाला बयान बताया है। हेमराज वर्मा ने कहा कि शनिवार की सुबह ननकी देवी पर बाघ ने उस समय हमला किया जब वह खेत में धान की निराई कर रही थी। इसे उसके परिवार के साथ-साथ गांव के भी काफी लोगों ने देखा। उन्होंने कहा कि वन महकमा हर घटना में अपनों की कमियों को छुपाने का प्रयास कर रहा है। जंगल किनारे खेत पर काम करते समय बाघ के हमले में मारे जाने वाले अधिकांश लोगों को वन महकमे के अधिकारी जंगल के भीतर की घटना बता अपनी जिम्मेदारी से बचने की कोशिश करते हैं। ऐसा वन विभाग के लोग इस लिए करते हैं ताकि मृतक के परिवार वालों को मुआवजा न देना पड़ा। उन्होंने सवाल उठाया कि वन विभाग के अधिकारी शनिवार को घटना स्थल पर क्यो नहीं गए? क्या वजह थी कि शनिवार को वन महकमे के किसी भी अधिकारी ने घटना जंगल के भीतर की बताने का साहस क्यो नहीं जुटाया? रविवार को जब वन संरक्षक घटना स्थल का दौरा करने गए तो गांव के लोगों अथवा परिवार के किसी सदस्य को साथ में क्यो नहीं लिया? हेमराज वर्मा ने कहा कि बाघों के हमले से इंसानों को बचाने में वन महकमा और सरकार पूरी तरह फेल हो चुकी है। इसके विरोध में वह अपनी अगुवाई में आठ जुलाई से टाइगर रिजर्व मुख्यालय पर कई दिन पहले ही धरना-प्रदर्शन करने का ऐलान कर चुके हैं। जंगल किनारे बसे गांवों के लोगों में भी बाघ के हमलों की बढ़ती घटनाओं को लेकर रोष है। लिहाजा वन संरक्षक महिला की बाघ के हमले की मौत पर झूठा दावा कर अपनों को बचाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि शासन प्रशासन ने यदि मृतक महिला के परिवार वालों को मुआवजा नहीं दिया तो आंदोलन तेज किया जाएगा।