टाइगर और तेंदुए के हमलों में पालतू पशुओं को मारे जाने के मामले में वन विभाग ने बराही रेंज में पशुपालकों को मुआवजा राशि बांटी। हरीपुर रेंज के पशुपालकों को भी मुआवजा दिया गया।
जंगल से सटे इलाकों में टाइगर और तेंदुए अक्सर हमला कर पालतू पशुओं को मार देते हैं। अगस्त 2015 में बलविंदर के एक पशु को मार दिया था। इसके अलावा माधोटांडा के गोधनबाबा के एक पशु को अगस्त माह में व जंगल से सटे इलाके में जसवीर कौर के घर में गत वर्ष नवंबर में एक पशु को निवाला बना लिया था। इसी रेंज से सटे इलाके में सीताराम के घर में दिसंबर माह में एक बकरी को टाइगर खा गया था। इधर बराही रेंज में रविवार को वनक्षेत्राधिकारी अनिल शाह ने जिला पंचायत सदस्य रामऔतार हिटलर की मौजूदगी में बलविंदर सिंह व गोधनबाबा को आठ-आठ हजार रुपये, जसवीर कौर को पांच हजार व सीताराम को तीन हजार रुपये मुआवजा राशि सौंपी। रेंजर अनिल शाह ने बताया कि टाइगर व तेंदुए के हमले से हुई मौतों के बाद नेशनल टाइगर रिजर्व अथारिटी को रिपोर्ट भेजी गई थी। जिसके बाद धनराशि स्वीकृत होने के बाद डीएफओ कैलाशप्रसाद के निर्देश पर यह मुआवजा राशि बांटी गई है। इसी तरह हरीपुर रेंज में जंगल से सटे इलाके लचियादेवी की दो बकरियां, सिराजुद्दीन की एक बकरी, धर्मदेवी की एक बकरी को निवाला बना लिया था। इन सभी को हरीपुर रेंजर द्वारा मुआवजा राशि बांटी गई।