वन एवं वन्यजीव हत्या और तस्करी रोकने को वनविभाग ओर एसएसबी संयुक्त गश्त करेंगे। यह निर्णय वन्यजीव अपराधों को रोकने के लिए हुई कार्यशाला में लिया। कार्यशाला में वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो के अधिकारियों ने वन्यजीवों से जुड़े अपराध एवं उन्हें रोकने के तरीकों की जानकारी दी।
टाइगर रिजर्व कार्यालय में मंगलवार को एसएसबी, टाइगर रिजर्व व वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो के अधिकारियों की कार्यशाला हुई। दिल्ली से आए वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो के क्षेत्रीय उपनिदेशक निशांत वर्मा ने सुरक्षा बलों व अधिकारी कर्मचारियों को अपराध नियंत्रण के लिए आपसी समन्वय स्थापित करने की अपील की। वन्यजीव निरीक्षक कौशिक मंडल ने अवैध व्यापार में सर्वाधिक प्रचालित वन्यजीव अंगों की जानकारी दी। डब्ल्यूडब्लयूएफ के डॉ. कमलेश मौर्य, ने तराई आर्कलैंड स्केप द्वारा बाघों के संरक्षण को चल रहे प्रयासों पर प्रस्तुतीकरण दी। टाइगर रिजर्व के डीएफओ कैलाश प्रकाश ने वन अपराध एवं वन्यजीव नियंत्रण को किए गए प्रयासों व कार्यवाही की जानकारी दी। कार्यक्रम में एसडीओ डीपी सिंह, एसएसबी के सहायक सेनानायक एमएस चौहान ने भी अपने विचार रखे। यहां रेंजर केपी सिंह, डीके सिंह, अनिल शाह सहित कई अधिकारी व वनकर्मी मौजूद रहे।