जंगल व उसके बाहर अवैध कटान रोकने वन्यजीवों की सुरक्षा के मद्देनजर वनविभाग और एसएसबी अधिकारियों की बैठक हुई। इसमें दोनों ने समन्वय से काम करने और एक दूसरे को सूचनाओं का त्वरित आदान प्रदान करने का निर्णय लिया।
टाइगर रिजर्व के महोफ रेंज में बने मुस्तफाबाद गेस्ट हाउस में वन संरक्षक वीके चोपड़ा की अध्यक्षता में हुई बैठक में वन संरक्षक ने कहा नेपाल सीमा खुली होने और नदी पार क्षेत्र का जंगल नेपाल से सटा होने के चलते अवैध कटान व शिकार की संभावनाएं रहती हैं। ऐसे में वनविभाग के सक्रिय रहने के साथ ही सीमा की सुरक्षा में लगी एसएसबी की भूमिका भी महत्वपूर्ण हैं। इसके लिए उन्होंने बार्डर क्षेत्र की रेंजों में तैनात स्टाफ एवं बार्डर क्षेत्र में तैनात एसएसबी के बीच बेहतर तालमेल पर जोर दिया। एसएसबी के कमांडेंट जेपी राना ने वन और वन्यजीव की सुरक्षा में वनविभाग को हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो वह बार्डर क्षेत्र में वनविभाग के साथ संयुक्त गश्त को भी तैयार हैं। बैठक में सामाजिक वानिकी के डीएफओ आदर्श कुमार, टाइगर रिजर्व के डीएफओ कैलाश प्रकाश, एसडीओ डीपी सिंह समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।
सुरक्षा बैठक के बाद शाम चार बजे से बाघ सुरक्षा अनुश्रवण समिति की बैठक हुई। जिसमें विभागीय अधिकारियों के अलावा जंगल क्षेत्र से सटे प्रमुख फार्मर श्रवणदत्त सिंह, परमजीत सिंह, प्रशांत शुक्ला एवं डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के परियोजना अधिकारी नरेश कुमार शामिल थे। इस बैठक में जंगल मे बाघ के संरक्षण के साथ उसके बार बार जंगल से बाहर आने पर हो रही समस्याओं एवं इसकी रोकथाम पर चर्चा की गई।