कलीनगर। शारदा सागर खंड की ओर से पहली बार नहरों और माइनरों की सफाई के दौरान निकाली गई सिल्ट और मिट्टी युक्त रेत को हटाने के लिए खनन विभाग की मदद ली जा रही है। माधोटांडा रजवाहा और उसकी सहायक माइनरों में वर्षों से जमा सिल्ट के बड़े-बड़े ढेर अब टेंडर प्रक्रिया के जरिए हटवाए जा रहे हैं। इससे नहरों के किनारे जमा रेत हटने से रखरखाव में सुविधा मिलेगी। वहीं, खनन विभाग को भी लाखों रुपये के राजस्व मिलने की संभावना जताई जा रही है। कलीनगर और पूरनपुर तहसील क्षेत्र में शारदा सागर खंड के अधीन आने वाली माधोटांडा रजवाहा और उसकी सहायक रजवाहा व माइनरों से लाखों एकड़ कृषि भूमि की सिंचाई होती है। सिंचाई के दौरान पानी के साथ बहकर आने वाली सिल्ट और मिट्टी युक्त रेत धीरे-धीरे नहरों और माइनरों में जमा हो जाती है। इससे जल प्रवाह प्रभावित होने लगता है। इसके बाद सिंचाई विभाग ने पहली बार खनन विभाग को पत्र भेजकर नीलामी प्रक्रिया के तहत सिल्ट हटवाने की कार्रवाई करने का अनुरोध किया।
बताया जा रहा है कि प्रथम चरण में पूरनपुर राजवाहा, गोपालपुर माइनर, खमरिया माइनर और प्रसादपुर माइनर से सिल्ट और रेत हटाने के लिए खनन विभाग ने टेंडर जारी किए। निकाली जा रही मिट्टी और रेत को कलीनगर और पूरनपुर क्षेत्र में निर्माणाधीन कॉलोनियों और भराव कार्यों के लिए बेचा जा रहा है। हालांकि क्षेत्रीय लोगों ने बिना व्यापक प्रचार-प्रसार किए नीलामी करने का आरोप लगाया है। संवाद