पूरनपुर। शारदा नदी से भूकटान तो धीमा हो गया, मगर गांव खिरकिया बरगदिया के समीप नदी के रेत छोड़ने पर दलदल होने से किसानों को खेतों में आवागमन के दौरान असुविधा हो रही है। ध्रुव कॉलोनी के समीप जलभराव होने से आवागमन में दिक्कत आ रही है। रविवार को कटान और बाढ़ पीड़ितों ने खिरकिया बरगदिया में एकत्र होकर नदी में समाई फसलों और अन्य नुकसान का मुआवजा न मिलने के विरोध में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मंगलवार से पांच दिन तक गांव में धरना प्रदर्शन की चेतावनी भी दी।
शारदा नदी का जलस्तर कम होने से भूकटान की गति रविवार को धीमी रही। इससे नदी किनारे के किसानों ने राहत की सांस ली। मगर नदी किनारे के खेतों में जलभराव बना रहा। गांव खिरकिया बरगदिया, ध्रुव कॉलोनी के समीप नदी के रेत छोड़ने से दलदल और जलभराव होने से लोगों को आवगमन में असुविधा हुई।
रविवार को गांव खिरकिया बरगदिया में बाढ़ और कटान पीडि़तों की बैठक हुई। बैठक में कटान, बाढ़ से हुए नुकसान का अब तक सर्वे शुरू न होने, मुआवजा न मिलने पर रोष व्यक्त किया गया। बैठक के बाद लोगों ने मुआवजा न मिलने के विरोध में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने नुकसान का सर्वे कराकर मुआवजा दिलाने, खिरकिया बरगदिया को बचाने के लिए तटबंध बनवाने, ग्राम पंचायत खिरकिया बरगदिया के लोगों को ग्राम पंचायत ढक्का में बसाने की मांग की।
साथ ही समस्याओं के विरोध में मंगलवार से पांच दिवसीय धरना प्रदर्शन शुरू करने और इसके बाद भी समस्याओं का समाधान न होने पर तहसील मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी। इस मौके पर पूर्व प्रधान लल्लन प्रसाद, विवेक सिंह चौहान, हरीशंकर, रामसूरत, अलाउद्दीन, रामधारी, कुलवीर सिंह, हरदीप सिंह आदि मौजूद रहे।
पूरनपुर क्षेत्र के गांव खिरकिया बरगदिया में प्रदर्शन करते बाढ़ और कटान के पीड़ित।स्रोत:प्रदर्श