ट्रांस शारदा क्षेत्र के ग्राम राणाप्रताप नगर में नदी का कटान और तेज हो गया है। बीते 25 घंटे के भीतर नदी यहां करीब 100 मीटर पक्की सड़क के साथ 40 एकड़ कृषि भूमि का कटान कर तेजी से आबादी की ओर बढ़ रही है। नदी और गांव के बीच मात्र 300 मीटर का फासला रह जाने के बावजूद शासन और प्रशासन की ओर से बचाव कार्य न किए जाने के विरोध में गांव के सैकड़ों लोग 170 किमी चलकर जिला मुख्यालय पहुंचे और अर्धनग्न होकर प्रदर्शन करने के बाद डीएम दफ्तर पर धरना दिया। एडीएम द्वारा मौके पर बाढ़ खंड और एसडीएम पूरनपुर को भेज काम शुरू कराने के आश्वासन पर प्रदर्शनकारियों ने धरना खत्म किया। ट्रांस शारदा क्षेत्र के ग्राम सिद्धनगर, राणाप्रताप नगर और नहरोसा में शारदा पिछले कई दिन से कटान कर रही है। कटान की मार सबसे अधिक राणाप्रताप नगर गांव के निकट है। गांव के दर्जनों लोगों की 100 एकड़ से अधिक कृषि भूमि लहलहाती फसलों के साथ नदी में समा चुकी है। बीते 24 घंटे के भीतर नदी ने ताजा कटान कर 40 एकड़ से अधिक भूमि निगल ली ही। इसके अलावा 100 मीटर पक्की सड़क भी कटान के चलते नदी में समा गई है। गांव की आबादी और नदी का फासला मात्र 300 मीटर रह गया है।
ग्रामीण तीन दिन पहले सिंचाई मंत्री स्वाति सिंह का पत्र लेकर जिलाधिकारी से मिले थे। ग्रामीणों को उन्होंने टीम भेजकर बचाव कार्य कराने का आश्वासन दिया था। इसके बावजूद न तो प्रशासन का कोई जिम्मेदार अधिकारी वहां पहुंचा और न ही बाढ़ खंड की टीम। भड़के ग्रामीणों ने डीएम को घेरने का निर्णय लिया। उसी के तहत करीब सौ ग्रामीण बस से दोपहर करीब 170 किमी की दूरी तय कर जिला मुख्यालय पीलीभीत पहुंचे।
प्रदर्शनकारियों ने नकटादाना तिराहे पर अपनी शर्ट उतार दी और हाथ में नारे लिखी पट्टिकाएं लेकर जूलूस निकालना शुरू कर दिया। करीब एक किमी तक पैदल नारेबाजी करते हुए ग्रामीण कलक्ट्रेट पहुंचे और डीएम दफ्तर के पास जाकर धरने पर बैठ गए। करीब दो घंटे बाद एडीएम बृजकिशोर ने 26 अगस्त से युद्ध स्तर पर बचाव कार्य कराने का भरोसा दिया तो ग्रामीणों ने धरना खत्म किया।