पीलीभीत। ईश्वर करे कि बाढ़ न आए, मगर ऐसा होने पर उससे निपटने के लिए प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। बाढ़ स्टीयरिंग कमेटी की बैठक हो चुकी है। संबंधित विभागों द्वारा कार्ययोजना बनाकर पत्रावली प्रशासन को भेज दी गई है।
बरसात के सीजन में हर साल शारदा और देवहा नदी कहर बरपाती हैं। प्रशासन बाढ़ से निपटने की तैयारियां करता है। इस बार 16 मई को बाढ़ स्टीयरिंग कमेटी की बैठक में स्वास्थ्य, बाढ़ खंड, पूर्ति, पशु पालन विभाग के अधिकारियों को बाढ़ से बचाव के लिए कार्ययोजना बनाकर भेजने के निर्देश दिए गए थे। विभागों ने अपनी कार्ययोजना बनाकर बाढ़ खंड को उपलब्ध करा दी। अब बाढ़ खंड ने यह पत्रावली प्रशासन को भेजी है। इसके मुताबिक बाढ़ से निपटने को जिले में 33 बाढ़ चौकियां बनेंगी। इसमें सदर तहसील क्षेत्र में आठ बाढ़ चौकी, अमरिया और पूरनपुर में छह-छह, बीसलपुर में नौ और कलीनगर में चार बाढ़ चौकियां स्थापित की जाएंगी। इन बाढ़ चौकियों पर स्वास्थ्य विभाग की टीम, पूर्ति, पशुपालन विभाग के कर्मी तैनात किए जाएंगे। बाढ़ चौकियां 15 जून से पूर्व ही स्थापित कर दी जाएंगी। इसके अलावा कलक्ट्रेट और बाढ़ खंड कार्यालय में कंट्रोल रूम स्थापित किए जाएंगे। ये कंट्रोल रूम 15 जून से काम करने लगेंगे।
राहत बचाव के लिए 60 नावों की व्यवस्था
बाढ़ के दौरान आपात स्थिति से निपटने के लिए 60 नावों की व्यवस्था की गई है। इसमें 36 ग्राम पंचायत की हैं और 24 प्राइवेट नाव हैं। इसमें सदर तहसील में चार, अमरिया में दो, बीसलपुर में 12, पूरनपुर में 30 और कलीनगर में 12 नाव उपलब्ध रहेंगी।
चार स्थानों पर 22 करोड़ से हो रहे बाढ़ नियंत्रण कार्य
हर साल बाढ़ से भारी तबाही होती है। संभावित बाढ़ के मद्देनजर सिंचाई विभाग की सब डिवीजनों द्वारा जिले में कलीनगर तहसील के रमनगरा क्षेत्र, अमरिया के गांव जगत, बीसलपुर के गांव कर्राखेड़ा और सिमरिया में बाढ़ नियंत्रण कार्य कराए जा रहे हैं। विभाग के मुताबिक चार स्थानों पर करीब 22 करोड़ रुपये की लागत से बाढ़ नियंत्रण कार्य कराए जा रहे हैं।