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Pilibhit News: बरसात से पहले बाढ़ सुरक्षा की परियोजनाएं अधूरी... कटान का खतरा

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ब्रह्मचारी घाट पर बनाए गए स्पर। संवाद
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पीलीभीत। जिले में बाढ़ से बचाव के लिए शहर, अमरिया और कलीनगर क्षेत्र में शुरू की गई कई परियोजनाएं बरसात के बीच भी अधूरी हैं। सालभर इंतजार के बाद अंतिम समय में काम शुरू होने से अधिकांश योजनाएं तय समय पर पूरी नहीं हो सकीं। लगातार हो रही बारिश से देवहा व शारदा नदियों के बढ़ते जलस्तर के बीच अधूरे कार्यों ने लोगों की बेचैनी बढ़ा दी है। कहीं निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं तो कहीं कटानरोधी संरचनाओं में शुरुआती क्षति दिखाई देने लगी है। संवाद
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ब्रह्मचारी घाट और नावकूड़ क्षेत्र के संवेदनशील इलाके में नहीं कराया गया कार्य
शहर से सटे देवहा नदी क्षेत्र में हर वर्ष बाढ़ जैसे हालात बनते हैं। पिछले साल आई बाढ़ के दौरान नावकूड़ गांव में करीब दस घर नदी के कटान की जद में आ गए थे। बरसात के बाद ग्रामीणों ने स्थायी बाढ़ कार्यों की मांग की। इसके बाद विभाग ने दस स्थानों पर कार्य कराने के लिए सर्वे कर प्रस्ताव भेजा, लेकिन दो स्थानों पर रेत के बोरे भरकर स्पर बनाने का कार्य मंजूर हुआ। बरसात से एक माह पूर्व कार्य मंजूरी हुआ तो विभाग ने जल्दबाजी में कार्य पूरा कर दिया, लेकिन कई संवेदनशील इलाके में कार्य न होने से खतरा अब भी बरकरार है।


2.08 करोड़ की परियोजना में सिर्फ 30 फीसदी हुआ कार्य
अमरिया। तहसील क्षेत्र के खालीनवादा गांव के पास देवहा नदी के कटान से बचाव के लिए स्वीकृत 2.08 करोड़ रुपये की परियोजना का निर्माण करीब 25 दिन बंद रहने के बाद दोबारा शुरू हुआ है। स्थिति यह है कि अभी 30 फीसदी की कार्य हो सका है। यहां स्लोप पिचिंग और कटान निरोधक दीवार का निर्माण कराया जा रहा है। ग्रामीण निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए आरोप लगा रहे हैं कि स्लोप पिचिंग निर्धारित मानक के अनुरूप नहीं की जा रही। उनका कहना है कि जहां 50 सेंटीमीटर मोटाई होनी चाहिए, वहां केवल 10 से 15 सेंटीमीटर मोटाई रखी जा रही है। उन्होंने कार्य की जांच कराकर मानकों के अनुरूप निर्माण कराने की मांग की है। करीब 500 मीटर क्षेत्र में कार्य होना है, लेकिन अभी लगभग 200 मीटर तक ही निर्माण चल रहा है और वह भी पूरा नहीं हो पाया है। मौके पर केवल नौ मजदूर काम करते मिले। ठेकेदार और अभियंता की अनुपस्थिति में केवल एक मुंशी के भरोसे निर्माण कार्य चल रहा था।
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अधूरी बाढ़ नियंत्रण योजना से नौजल्हा नंबर दो गांव के लोग चिंतित
कलीनगर। शारदा नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी के साथ नौजल्हा नंबर-दो स्थित बाढ़ नियंत्रण योजना पर खतरा मंडराने लगा है। यहां डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक लागत से बाढ़ परियोजना पर कार्य कराया जा रहा है, लेकिन कार्य अभी अधूरा है और नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद कार्य भी प्रभावित हो रहा है। तीसरे लेयर पर नदी का पानी पहुंच गया। इससे कार्य आगे नहीं बढ़ पा रहा है। वहीं, योजना स्थल के पीछे नोमेंस लैंड की ओर भी जलभराव बढ़ने से ग्रामीण संभावित कटान और परियोजना को नुकसान की आशंका जता रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ सुरक्षा कार्य समय पर पूरा नहीं कराया गया। आरोप है कि विभागीय अधिकारियों और ठेकेदार की लापरवाही के कारण कार्य बेहद धीमी गति से चला, जिससे बरसात शुरू होने के बाद भी तीसरी लेयर तक पूरी नहीं हो सकी।
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बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों को मजबूत करने के लिए मंजूर अधिकांश परियोजना पूरी हो गई है। नौजल्हा नंबर दो में कार्य अंतिम चरण में है। अमरिया क्षेत्र में कार्य की गति बढ़ाने के लिए कार्यदायी संस्था को निर्देश दिए गए हैं। वहां क्षेत्रीय अभियंता को भी सक्रिय किया गया है।
- आशुतोष कुमार, अधिशासी अभियंता, बाढ़ खंड
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जिले में जो भी बाढ़ परियोजनाएं चल रही हैं। उनकी जल्द ही समीक्षा की जाएगी। जो परियोजनाएं अधूरी है। उनके संबंध में संबंधित विभाग के अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई की जाएगी।
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- ज्ञानेंद्र सिंह, डीएम

ब्रह्मचारी घाट पर बनाए गए स्पर। संवाद

ब्रह्मचारी घाट पर बनाए गए स्पर। संवाद

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