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अब भी नहीं चेते तो बाढ़ के समय होगी बड़ी तबाही

Sun, 28 Jun 2015 11:36 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला पीलीभीत
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काम न होने से क्षेत्रवासियों की बढ़ी चिंता
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माधोटांडा। दो दिन पूर्व हुई बारिश के बाद नदी में 2.97 लाख क्यूसेक पानी छोड़ने से नौजल्हा नंबर दो में करोड़ों रुपये से बने स्पर को बाईपास कर पानी निकल गया था। पानी कम होने के बाद भी नदी की धार अभी चल रही है। माना जा रहा है कि यदि इस स्पर को ठीक नहीं कराया गया तो अगली बारिश में नदी की धार स्पर को बाईपास कर आबादी की ओर रूख कर जाएगी।
गत वर्ष इस स्पर के निर्माण के समय ही क्षेत्रीय लोगों ने इसके स्थान चयन को लेकर सवाल खड़े किए थे। स्पर के ठीक न होने के कारण नदी के बाईपास होने की संभावनाएं भी व्यक्त की थीं। क्षेत्रवासियों की आशंका पिछले साल ही अंतिम बरसात में सच साबित हो गई थी। लेकिन इस बार भी मरम्मत नहीं कराई गई। इसका कारण बजट का अभाव बताया गया। परिणाम स्वरूप पहली ही बारिश में पानी इसके पीछे से निकल गया।
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यह स्थिति तब है जब मात्र 2.97 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। यदि बारिश अधिक होने के पर 4-5 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया तो स्पर धवस्त हो सकता है। वहीं नदी के दक्षिणी किनारे पर बने बैडवार को भी इस पानी से नुकसान हुआ है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि इस बैडवार के चलते ही इस बार बायीं पटरी पर कटान नहीं हुआ लेकिन इसके क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत जरूरी है।
इधर नगरिया खुर्द कलां के पास पानी कम होने पर नदी ने मार्जिनल बांध के पास काफी सिल्ट छोड़ी है। इससे लोगों ने राहत महसूस की है। उम्मीद की जा रही है इससे बांध को सुरक्षा मिलेगी।

रास्ते कटने से आवागमन में हो रही परेशानी
हजारा। शारदा नदी में छोड़े गए पानी से क्षेत्र के अधिकांश मार्गों में पानी भर गया था। इसमें भुरजनिया मार्ग की पुलिया टूटने से लोगों को आने जाने में दिक्कत हो रही है।
दो दिन तक कोई मरम्मत न होने पर रविवार को ग्रामीणों ने स्वयं इसका जुगाड़ शुरू कर दिया। पानी में बहकर आए दो पेड़ों को पुलिया के स्थान पर रखकर उस पर छोटी लकड़ियां रखकर अस्थाई पुल बना लिया है। इससे साइकिल सवार और पैदल चलने वाले निकल पा रहे हैं।
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 ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द यहां काम नहीं कराया गया और बारिश दोबारा हो गई तो इस क्षेत्र के गांव का संपर्क कट जाएगा। वहीं जलस्तर बढ़ने से डूबी फसलों में अभी भी पानी भरा हुआ है। यदि एक दो दिन में खेतों से पानी नहीं निकला तो फसल में सड़न की स्थिति भी बन सकती है।
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