इसके अलावा हजारा-सिद्धनगर तथा कबीरगंज मार्ग पर भी कई स्थानों पर नदी का पानी बहने के कारण यातायात ठप है। थानाध्यक्ष भुवनेश कुमार गौतम ने बताया कि स्थिति से उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। उन्होंने बताया कि पानी कम होने से बाढ़ की आशंका से घिरे ट्रांस क्षेत्र के कई गांवों के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। क्षेत्र के ग्राम सिद्धनगर, अशोक नगर, भुरजुनिया, कबीरगंज समेत कई गांवों के ग्रामीणों की फसलों में भरा पानी भी धीरे-धीरे कम हो रहा है।
माधोटांडा। बनबसा बैराज से पानी छोड़े जाने से शुक्रवार को बढ़ा शारदा का जलस्तर शनिवार को घटने लगा है। पानी कम होने से घरों व खेतों में भरा पानी निकल गया है जिससे लोगों ने राहत की सांस ली है। शनिवार को बाढ़ खंड के अधिकारियों व तहसीलदार पूरनपुर ने भी क्षेत्र का भ्रमण कर स्थिति का जायजा लिया। शनिवार को सुबह जलस्तर काफी घट गया। इससे नौजल्का, गभिया सहराई, कंजिया सिंहपुर, रमनगरा सहित तमाम गांव के घरों में घुसा पानी भी निकल गया। साथ ही जलमग्न फसलें भी पानी से बाहर आ गईं। लोगों को उम्मीद है कि यदि दुबारा पानी न भरा तो फसलों को विशेष नुकसान नहीं होगा। नगरिया खुर्द कलां के निकट मार्जिनल बांध की सुरक्षा को बने स्पर नंबर छ: के डाउन स्ट्रीम में कटान की स्थिति बन गई है। उधर नौमेंसलेंड के निकट गत वर्ष करोड़ों रुपये खर्च कर बनवाई गई 300 मीटर बैडवार भी क्षतिग्रस्त हो गई है और पानी इसके पीछे से बाइपास होकर निकल रहा है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि यदि मरम्मत नहीं कराई गई तो अगली बार पानी आने पर यहां बड़ा खतरा बन सकता है। दोपहर को तहसलीदार दिग्विजय सिंह रमनगरा क्षेत्र पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। वहीं बाढ़ खंड के अधिशाषी अभियंता मिन्हाज अहमद ने भी बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का अभियंताओं के साथ दौरा कर स्थिति का जायजा लिया।