ट्रांस शारदा क्षेत्र में बढ़ता जलस्तर क्षेत्र के लिए मुसीबत का सबब बनता जा रहा है। शारदा नदी का रुख नहरोसा गांव की ओर हो गया है और करीब 38 एकड़ जमीन नदी में समा चुकी है। कटान की सूचना पर बाढ़ खंड ने काम शुरू कर दिया है लेकिन नदी की धार को देख बचाव कार्य नाकाफी नजर आ रहे हैं।
बारिश के समय शारदा नदी में जलस्तर के बढ़ने घटने से क्षेत्र में हर साल तबाही होती है। दो दिन पूर्व तक शारदा नदी के दूसरे किनारे पर राहुलनगर में कटान हो रहा था। अब नदी का रुख हजारा क्षेत्र के नहरोसा गांव की ओर हो गया है। नहरोसा के पल्लेपार कहे जाने वाले क्षेत्र में शारदा नदी के कटान से अब तक 38 एकड़ कृषि योग्य भूमि कट चुकी है। इसमें नूरमोहम्मद की, मुर्तजा, आशिक अली, सिकंदर, आशिक अली, हामिद, नत्थू, मुजफ्फर की तीन तीन एकड़, कासिम, बाबू व फरीद की ढाई-ढाई एकड़ और नखरे आलम, फखरे आलम, सिराज अहमद, शमशाद अहमद, लाल मोहम्मद, इस्लाम आदि की एक एक भूमि कटकर शारदा नदी में समा चुकी है।
नदी का रूख गांव की ओर होने से ग्रामीण घबराए गए हुए हैं। वहीं कटान की जानकारी होने पर बाढ़ खंड की टीम ने नदी का कटान रोकने को बल्ला कटर बनाने शुरू कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि नदी का जलस्तर और धार को देखते हुए किए जा रहे बचाव कार्य नाकाफी प्रतीत हो रहे हैं। ग्रामीणों ने ठोस काम करने की मांग की है। बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता मिनहाज अहमद ने बताया कि कटान नियंत्रित करने को बचाव कार्य कराए जा रहे हैं। आवश्यक होने पर काम को और बढ़ाया जाएगा।