बराही गांव के निवर्तमान प्रधान एवं प्रधान पद के प्रत्याशी सुखदीप सिंह
लाडी और उसी गांव के सपा नेता मास्टर गुरदयाल सिंह को पुलिस ने सुबह करीब
आठ बजे थाने बुलाया और घंटों बैठा लिया।
सुखदीप सिंह केंद्रीय मंत्री मेनका
गांधी के समर्थक बताए जाते हैं। पुलिस को सुखदीप सिंह और गुरदयाल सिंह से
मतदान के दौरान शांतिभंग की आशंका थी। सुखदीप ने थानाध्यक्ष पर सत्ता के
दबाव में मत प्रभावित करने के लिए ऐसा करने का आरोप लगाया है।
उनका कहना है
कि मास्टर गुरदयाल सिंह खुद प्रत्याशी नहीं, बल्कि वह एक अन्य प्रत्याशी
के समर्थक हैं। यदि शांतिभंग होने की पुलिस को शिकायत मिली थी तो दोनों
प्रत्याशियों को थाने में बैठाना चाहिए था। जबकि मास्टर गुरदयाल सिंह का
कहना था कि उन्होंने कानून का पालन किया है।
पुलिस ने उन्हें सुबह बुलाया
तो वह वोट डालने के बाद सीधे थाने चले गए। इसके अलावा दयालपुर के प्रधान
रामसनेही भास्कर को भी पुलिस बुधवार सुबह उठा लाई। वह भी निवर्तमान प्रधान
हैं। पुलिस का कहना है कि मतदाताओं को प्रलोभन देने की शिकायत पर रामसनेही
को हिरासत में लिया गया।
दोपहर बाद तीनों को पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया।
इनके अलावा ग्राम डगा में एक पीठासीन अधिकारी से दो ग्रामीणों की बहस हो
गई। इसी बीच पहुंचे जोनल मजिस्ट्रेट ने दोनों ग्रामीणों असलम व मोहसिन को
थाने भिजवा दिया। दोपहर बाद सभी पांचों लोगों को थाने से ही घर भेज दिया
गया।
एसडीएम-सीओ को दिखा बाघ
माधोटांडा। स्पेशल मजिस्ट्रेट
एसडीएम सदर सुरेंद्र बहादुर यादव व सीओ सिटी यशवीर सिंह मतदान का जायजा
लेने तराई क्षेत्र के बूथों पर जा रहे थे। बराही जंगल से गुजरते समय खारजा
नहर पर उनके वाहन के आगे एक बाघ दिखाई पड़ा। अधिकारियों ने वाहन रोककर कुछ
दूरी से बाघ को देखा। दोनों अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने बाघ की तस्वीर
को कैमरे में भी कैद करना चाहा, लेकिन कोहरे के कारण उसकी फोटो नहीं खिंच
सका।