पीलीभीत। राजघराने से ताल्लुके रखने वाले राजा रामनाथ ने ही पीलीभीत को पहली चीनी मिल दी थी। उनकी वजह से ही यह एलएच चीनी मिल में सैकड़ों बेरोजगारों को नौकरी मिली। यह चीनी मिल आज भी सफलतापूर्वक चलकर किसानों से हर सीजन में रिकार्ड गन्ना खरीदती है ।कुछ दिन पहले उनके निधन के बाद शुक्रवार को शोकसभा की गई।
कभी ललित हरि चीनी मिल के डायरेक्टर रहे राजा रामनाथ ने पीलीभीत में चीनी मिल की स्थापना कर जनपद के अलावा गैर जनपदों के भी बेरोजगारों को रोजगार दिया था। पीलीभीत राजघराने के रामनाथ के परिवार को ब्रिटिश काल में अंग्रेजों द्वारा राजा की उपाधि दी गई थी। प्रदेश के पुराने आयुर्वेदिक कॉलेजों में शुमार ललित हरि आयुर्वेदिक कॉलेज भी इसी राजघराने की देन है। शहर की कई सड़कों के नाम राजा रामनाथ के परिवर वालों के नाम पर हैं। पिछले रविवार को उनका निधन हो गया था। शुक्रवार को आयोजित शोकसभा में दिवंगत की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया। शोकसभा में राजा रामनाथ के पौत्र आयुष अग्रवाल सहित चीनी मिल और डिस्टेलरी के अधिकारी, कर्मचारी और नागरिक उपस्थित थे।