गांव बूंदीभूड़ के पीड़ितों को राजस्व टीम ने शनिवार को सहायता के चेक, राहत सामग्री में दैनिक उपभोग की वस्तुएं बांटी। रविवार को भाजपा की टीम पीड़ितों का हाल लेने पहुंची। टीम ने अग्निपीड़ितों को बिस्कुट, ब्रेड, नमकीन आदि खाद्य सामग्री के पैकेट भी बांटे। गांव से लौटे प्रणय बाजपेयी बीनू, अशोक राजा, अनुराग मिश्रा, दिलीप कुमार, संजय गुप्ता आदि ने बताया कि पीड़ितों को फूटे बर्तन, फटी चादरें बांटी गई हैं। टीम सदस्योें ने इसके फोटो भी दिए। भाजपा नेताओं ने बताया कि पूरे मामले की डीएम से शिकायत कर उनको फोटोग्राफ भी दिखाए जाएंगे।
बूंदीभूड़ में अग्निपीड़ितों को सही सामग्री का वितरण कराया गया है। फूटे बर्तन और चादरें कौन ले ले गया इसकी जानकारी नहीं है। यदि शिकायत मिलती है तो मामले की जांच कराई जाएगी।
ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह, एसडीएम
बूंदीभूड़ के अग्निपीड़ितों की मदद को बढ़े हाथ
माधोटांडा। बूंदीभूड़ में हुए अग्निकांड में पीड़ितों की मदद के लिए राजस्व प्रशासन के बाद जनसामान्य ने भी मदद को हाथ बढ़ाए हैं। गांव नौजल्हा नंबर दो के ग्रामीणों ने अपने स्तर से सामग्री एकत्र की गांव में वितरित की वहीं बूंदीभूड़ में भी सामग्री एकत्र की जा रही है।
बार्डर क्षेत्र के गांव बूंदीभूड़ में बृहस्पतिवार की रात आंधी के समय लगी आग से 21 घर जलकर नष्ट हो गए थे। घटना तीसरे दिन भी पीड़ित परिवार खुले में रहने को मजबूर हैं। शनिवार को राजस्व प्रशासन की और राहत सामग्री और नौ-नौ हजार रुपये प्रति परिवार के हिसाब से अहैतुक सहायता वितरित की गई थी। वहीं ग्रामीण भी पीड़ितों की सहायता कर रहे हैं। रविवार को सुबह पड़ोसी गांव नौजल्हा नंबर दो व चौखापुर के ग्रामीणों ने आपस में सहयोग कर दो बोरी चावल, एक बोरा आलू, सरसों का तेल एवं अन्य सामान एकत्र कर बूंदीभूड़ के पीड़ितों में वितरित किया। वहीं दोपहर को गांव बूंदीभूड़ के ही सुरक्षित बचे ग्रामीणों ने ही अपने स्तर से सामग्री एकत्र करनी शुरू कर दी है। गांव के संजय तिवारी ने बताया शाम तक एकत्र सामग्री और धनराशि को सोमवार को किसी अधिकारी की मौजूदगी में पीड़ित परिवारों में वितरित कराया जाएगा।
कैसे बसेेंगे आग में उजड़े आसियाने
गांव बूंदीभूड़ बंगाली बाहुल्य है और यहां अधिकांश घर छप्पर पोश हैं। आग लगने से जले 21 घरों में लगभग सभी में छप्पर पड़ा था। अब ग्रामीणों के सामने पहला काम उजड़े घरों को पुन: तैयार करने का है लेकिन उनके सामने सबसे बड़ी समस्या छप्पर के लिए घास और लकड़ी की है। टाइगर रिजर्व बनने के बाद घास कटान पर भी रोक लग गई है। ऐसे में ग्रामीणों को अपने घर बनाने में काफी दिक्कत आ सकती है।
डीएम ने एसडीएम से ली जानकारी
पीलीभीत। बूंदीभूड़ में अग्निपीड़ितों के बारे में रविवार को सुबह डीएम ओएन सिंह ने एसडीएम ज्ञानेंद्र कुमार सिंह से जानकारी ली। डीएम ने बताया कि राजस्व की और से सामग्री एवं अहैतुक सहायता राशि वितरित करा दी गई है लेकिन पीड़ितों की और मदद के लिए एसडीएम से समाजसेवी संगठनों से मदद लेने के निर्देश दिए गए हैं। पीड़ितों को हर संभव सहायता दिलाई जाएगी।