पीलीभीत। पीलीभीत टाइगर रिजर्व में फायर सीजन की सतर्कता के दावों के बीच जंगल में आग की घटनाएं जारी हैं। मंगलवार से माला रेंज में धधकी आग ने बुधवार को विकराल रूप ले लिया। आग के खेतों के नजदीक आता देख हड़कंप मच गया। फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियों के अलावा किसानों ने 10 से अधिक ट्रैक्टरों की मदद से काबू पर बमुश्किल काबू पाया। किसानों का आरोप है कि जंगल में आग बुझाने में लापरवाही से किसानों को बड़ा नुकसान हो सकता था।
गर्मी के साथ तेज हवा चलने से आग की घटनाएं बढ़ने लगी हैं। इसे देखते हुए पीटीआर में भी फायर सीजन शुरू कर सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए। कंट्रोल रूम स्थापित करने के साथ रेंज स्तर पर भी गंभीरता बरतने की हिदायत दी गई। सतर्कता के दावों के बीच पांच दिन पूर्व महोफ के जंगल में आग लगने से 50 हेक्टेयर दायरे में ग्रासलैंड और पेड़ों को नुकसान पहुंचा था।
इधर, मंगलवार को माला रेंज के जंगल में अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। देर शाम जानकारी होने पर पीटीआर की टीम आग पर काबू पाने के प्रयासों में जुटी, लेकिन बुधवार को हवा चलते ही आग फिर धधक उठी। कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। मथना बैरियर के निकट नहर के क्षेत्र में होकर आग जंगल सीमा की ओर बढ़ने लगी। आग की लपटें देख जंगल से सटे इलाकों के किसानों में हड़कंप मच गया। सूचना पर फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियां मौके पर पहुंची। गेहूं की फसल को बचाने के लिए किसान एकत्र हुए और 10 से अधिक ट्रैक्टरों की मदद से आग पर काबू पाने के प्रयास शुरू किए गए।
सैकड़ों किसान पहुंचे, जोताई कर आग पर पाया काबू
माला जंगल के मथना क्षेत्र में लगी आग जैसे ही मथना जप्ती और पुरैनी दीपनगर की सीमा में पहुंची तो सैकड़ों किसान एकत्र हो गए। किसानों ने स्प्रे मशीन के अलावा जोताई कर आग पर काबू पाया। सुरक्षा के लिहाज से किसान देर शाम तक खेतों की ओर डटे रहे। किसानों का आरोप है कि मंगलवार को जंगल में आग लगी थी। बुझाने में लापरवाही बरतने से आग जंगल सीमा से सटे इलाके तक पहुंच गई। प्रयास कर आग पर काबू पा लिया गया, लेकिन तो फसलों को बड़ा नुकसान हो सकता था। ग्रामीणों की सूचना पर डायल 112 भी मौके पर पहुंची थी।
आग का कारण और नुकसान की हकीकत परखने में जुटे अफसर
माला जंगल में लगी आग का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। आग कितने दायरे में फैली और नुकसान की क्या स्थिति रही, इस पर भी अभी संशय है। मामले की अफसरों ने हकीकत परखने के लिए एसडीओ स्तर के अधिकारी जिम्मेदारी सौंपी है। डीएफओ मनीष सिंह ने बताया कि माला रेंज के जंगल में आग लगने की वजह आदि की जांच कराई जा रही है।
माला जंगल में लगी आग को बुझाने का प्रयास करते किसान। स्रोत ग्रामीण
माला जंगल में लगी आग को बुझाने का प्रयास करते किसान। स्रोत ग्रामीण