पीलीभीत। शासन-प्रशासन के कड़े निर्देश के बावजूद अमरिया क्षेत्र के एक किसान ने खेत में पराली जला डाली। मामला संज्ञान में आने पर डीएम पुलकित खरे ने सख्त रुख अपनाया। किसान पर एफआईआर दर्ज करने के साथ ही लेखपाल, सचिव, चौकी प्रभारी और किसान सहायक को निलंबित कर दिया। तहसीलदार और थानाध्यक्ष अमरिया को लापरवाही के चलते चेतावनी जारी की गई।
धान की कटाई नजदीक आते ही प्रशासन ने बैठकें कर पराली न जलाने की अपील की थी। राजस्व, कृषि और पुलिस विभाग के अफसर-कर्मचारियों को सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए थे। सभी की जिम्मेदारी भी तय कर दी गई थी। स्पष्ट कहा गया था पराली जलाने का मामला सामने आया तो सख्त एक्शन लिया जाएगा। सेटेलाइट के जरिए पराली जलाने को लेकर निगरानी की जा रही है। सेटेलाइट के जरिए सोमवार को प्रशासन को पता लगा कि अमरिया के ग्राम कटैईया पंडरी की गाटा संख्या 67 में रक्वा 1.643 पर पराली जलाई गई है। मौके पर टीम ने पहुंचकर किसान रंजीत सिंह पुत्र कल्यान सिंह के खेत को देखा तो सूचना सही निकली। डीएम ने मामले का संज्ञान लिया और सख्ती अपनाई। किसान पर पराली जलाने की धाराओं में अमरिया थाने में एफआईआर कराई। प्रयोग में लाए गए किसान के ट्रैक्टर को भी सीज किया गया। लापरवाही मानते हुए कटैईया पंडरी गांव के लेखपाल गुरुमेश चंद्र, सचिव धर्मपाल, किसान सहायक मुकेश कुमार को मंगलवार को निलंबित कर दिया। ग्राम प्रधान रविंद्र कौर को पंचायतीराज अधिनियम के अंतर्गत कार्रवाई करते हुए नोटिस दिया। पूरे प्रकरण से अंजान बने रहने पर तहसीलदार अमरिया और थानाध्यक्ष को चेतावनी दी गई। बिरहनी चौकी प्रभारी दरोगा वीरेंद्र कुमार का भी निलंबन होना तय है। निलंबन की रिपोर्ट बनाकर एसपी को भेजी जा चुकी है।
पराली जलाने की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। अफसर-कर्मचारी निगरानी में लापरवाही न बरतें। ग्राम प्रधानों के साथ बैठक करके किसानों को जागरूक किया जाए। घटना संज्ञान में आने पर कार्रवाई की गई है। - पुलकित खरे, डीएम