पीलीभीत। जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) कार्यालय में सामने आए करोड़ों रुपये के गबन के मामले की विवेचना में मंगलवार को एक और महत्वपूर्ण कड़ी जुड़ी। डीआईओएस कार्यालय में तैनात वित्त एवं लेखाधिकारी इंद्रेश गंगवार ट्रेजरी विभाग के कर्मचारियों के साथ विवेचक के सामने पहुंचे। करीब एक घंटे तक चली पूछताछ में विवेचक ने उनके बयान दर्ज किए। इस दौरान सरकारी धन के ऑनलाइन ट्रांसफर, ट्रेजरी प्रक्रिया, डिजिटल लॉगिन आईडी और भुगतान व्यवस्था से जुड़े कई सवाल किए गए।
फरवरी में घोटाला सामने आया था। खुलासा होने के बाद मामले में इलहाम शम्सी और उसकी पत्नी के खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। पुलिस ने विवेचना में आठ अन्य उसके रिश्तेदारों को नामजद किया था।
विवेचना के दौरान पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि विभागीय डिजिटल आईडी और लॉगिन का इस्तेमाल किस स्तर तक किया गया और सरकारी धन को अलग-अलग खातों में भेजने की प्रक्रिया में किन-किन स्तरों पर सत्यापन हुआ। वित्त एवं लेखाधिकारी और ट्रेजरी कर्मचारियों से भुगतान प्रक्रिया से संबंधित जानकारी लेकर पुलिस ने मामले की कड़ियां जोड़ने का प्रयास किया।