पीलीभीत। स्वास्थ्य विभाग के ड्रग वेयर हाउस से डाइक्लोनिक इंजेेक्शन की खेप सीतापुर, सुल्तानपुर और हमीरपुर जिलों में भेजी जाएगी। दरअसल वेयर हाउस में इनका अतिरिक्त स्टॉक है। प्रयोग के बाद भी करीब अस्सी हजार इंजेक्शन बच रहे हैं। निर्देश मिलने के बाद तीस हजार इंजेक्शन रोककर शेष पचास हजार को तीन जिलों में भेजा जाएगा।
जिला संयुक्त चिकित्सालय के अलावा जिले भर की सीएचसी और पीएचसी स्तर पर ड्रग वेयर हाउस से दवाएं उपलब्ध कराई जाती है। दवा की उपलब्धता, स्टॉक के अलावा एक्सपायरी की जिम्मेदारी वेयर हाउस के कर्मचारियों पर होती है। सीएमओ कार्यालय परिसर में बने वेयर हाउस में कई दवाओं का स्टॉक अधिक है। दर्द होने की स्थिति में मरीजों को लगाए जाने वाला डाइक्लोनिक इंजेक्शन का उपयोग तो ज्यादा है लेकिन स्टॉक में संख्या काफी अधिक है। वेयर हाउस कर्मचारियों के मुताबिक जिले भर के स्वास्थ्य केंद्रों पर उपलब्धता के बाद भी करीब 80 हजार इंजेक्शन का स्टॉक वेयर हाउस में लगा है। इनकी एक्सपायरी 2024 है। इसका उपयोग होना मुश्किल है। ऐसे में अफसरों के माध्यम से विभागीय मुख्यालय को सूचना भेजी गई। इसके बाद स्टॉक को तीन जिलों में भेजने का आदेश मिला है।
दर्द होने पर लगाया जाता है ये इंजेेक्शन
जिला अस्पताल के डॉक्टर रमाकांत सागर ने बताया कि डाइक्लोनिक इंजेेक्शन दर्द होने पर लगाया जाता है। किसी भी तरह का दर्द होने पर इसे लगाने से मरीज को तत्काल लाभ पहुंचता है।