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मझारा में 50 एकड़ जमीन नदी में समाई

Mon, 21 Aug 2017 06:19 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो,पीलीभीत
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sharda - फोटो : amar ujala
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शारदा नदी ने अब वीरखेड़ा खजुरिया गांव के किसानों को अपना निशाना बनाना शुरू किया है। नदी ने पिछले तीन दिन के भीतर इन किसानों की मझारा ताल्लुके महाराजपुर में खड़ी गन्ने की फसल समेत करीब 50 एकड़ कृषि भूमि निगल ली। अब बरसात के अंतिम दौर में नदी नई दिशा की ओर बढ़ती जा रही है। इधर पीड़ित किसानों ने राजस्वकर्मियों के न पहुंचने व कटान का सर्वे कराने की मांग को लेकर नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। शारदा नदी हर वर्ष तराई के किसी न किसी इलाके में तबाही मचाती आ रही है। करीब सप्ताह भर पूर्व जलस्तर बढ़ने के साथ शारदा नदी ने मझारा ताल्लुके महाराजपुर में अपने दाएं किनारे की ओर कटान शुरू किया था। नदी ने पिछले तीन दिन के भीतर गांव वीरखेड़ा खजुरिया के किसान जवाहर की तीन एकड़, राधेश्याम एक एकड़, वकील यादव दो एकड़, मुन्नालाल एक एकड़, लालजी यादव दो एकड़, श्याम लाल एक एकड़, शिवकुमार डेढ़ एकड़, भूरा सिंह एक एकड़, प्रभुराम एक एकड़, रामाकांत एक एकड़, सीताराम एक एकड़, महेश एक एकड़ सहित लगभग डेढ़ दर्जन पट्टेदारों व रतन सिंह की दस एकड़ सहित 50 एकड़ से अधिक भूमि जिसमें अधिकांश भूमि पर गन्ने की फसल खड़ी थी, निगल लिया। नदी का कटान सोमवार को भी जारी है। इधर शारदा नदी नरई दिशा में कटान कर वीरखेड़ा खजुरिया की ओर बढ़ रही है। तेजी से हो रहे भूकटान के बावजूद अभी तक कोई राजस्वकर्मी मौके पर नहीं पहुंचा। पीड़ित किसानों ने एसडीएम से तहसीलदार व राजस्व कर्मियों को भेजकर सर्वे कराने की मांग की है ताकि कट रही कृषि भूमि का मुआवजा मिल सके। इधर पिछले तीन दिन हो रहे कटान के बावजूद राजस्वकर्मियों के न पहुंचने पर किसानों में खासा रोष देखा गया। सोमवार को नदी किनारे एकत्र हुए किसानों ने कटान का सर्वे कराने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन करने वालों में महेश, रतन सिंह, भूरा सिंह, प्रकाश, लीलजी, मुन्ना लाल समेत कई किसान शामिल रहे। 
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