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बुखार का शिकंजा : ओपीडी पंद्रह सौ के पार...वायरल के चार सौ मरीज

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पीलीभीत मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मरीजों को देखते चिकित्सक।संवाद
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पीलीभीत। जिले में वायरल बुखार तेजी से पैर पसार रहा है। मेडिकल कॉलेज में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। ओपीडी में मरीजों की उमड़ रही भीड़ को संभालने में स्टाफ के पसीने छूट रहे हैं। साथ ही डॉक्टर को दिखाने की जल्दी में धक्का-मुक्की की स्थिति भी बन रही है। ओपीडी में 15 सौ से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं तो इनमें से चार सौ से अधिक वायरल बुखार से ही हैं।
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मेडिकल कॉलेज में बुधवार दोपहर करीब 12:15 बजे भी पर्चा काउंटर पर मरीजों की कतार लगी रही। इस दौरान परिसर मरीजों से खचाखच भरा मिला। दवा लेने के लिए कतार लगाए खड़े मरीजों में अधिकतर बुखार से पीड़ित थे। इनमें से कुछ मरीजों की खून की जांच कराई गई तो कुछ को परामर्श के बाद दवा लिखी गई।
मेडिकल कॉलेज के कक्ष संख्या 12 में डॉ महावीर सिंह बुखार के मरीजों को देखते मिले। उन्होंने बताया कि साढ़े 12 बजे तक 400 मरीज आ चुके हैं। इनमें से 80 फीसदी बुखार से पीड़ित थे। बताया कि सप्ताह भर पूर्व तक रोजाना दो सौ मरीजों की ओपीडी होती थी, लेकिन कुछ दिनों से संख्या दोगुनी हो गई है।
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मरीज बढ़े तो नर्सिंग स्टाफ की बढ़ाई जिम्मेदारी

मेडिकल कॉलेज में मरीजों की बढ़ती संख्या के चलते बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने की चुनौती भी बनी हुई है। सीएमएस डॉ. रमाकांत सागर ने बताया कि चिकित्सकों को समय से ओपीडी में आने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही मरीजों की बढ़ती संख्या के चलते नर्सिंग स्टाफ को भी ड्यूटी पर मौजूद रहने की हिदायत दी गई है। चिकित्सक कक्ष से लेकर दवा काउंटर और पैथाेलॉजी लैब पर भी पर्याप्त स्टाफ लगाया गया है।

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वायरल की चपेट में अधिक संख्या में आ रही महिलाएं

चिकित्सक के अनुसार ओपीडी में आने वाले बुखार के मरीजों में महिलाओं की संख्या अधिक है। वैसे बच्चों और बुजुर्ग भी वायरल की चपेट में आ रहे हैं। चिकित्सक का कहना है कि महिलाओं में प्रतिरोधक क्षमता कम होती है, जिसके चलते वायरल जल्दी प्रभावी हो जाता है। नियमित अंतराल पर बुखार आना, ठंड लगने के साथ बुखार आना, जोड़ों में तेज दर्द होना आदि पर घबराने के बजाय अस्पताल पहुंचकर चिकित्सक को दिखाएं और दवा का नियमित सेवन करें।

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डेढ़ गुना बढ़ गईं खून की जांचें

मेडिकल कॉलेज में बुखार के मरीज बढ़ने से खून की जांचों में भी इजाफा हुआ है। 15 दिन पूर्व की अपेक्षा डेढ़ गुना तक जांचों की संख्या बढ़ने की बात सामने आई है। 15 अगस्त से पहले तक दो सप्ताह में विडाॅल की 120, डेंगू की 79 और मलेरिया की 210 जांचें हुईं। वहीं 15 अगस्त से लेकर बुधवार तक विडाॅल की 170, डेंगू की 128 और मलेरिया की 317 जांचें हुईं।

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कीवी और नारियल पानी की बढ़ी डिमांड

वायरल बुखार में शरीर में कमजोरी आने की समस्या भी बढ़ गई है। इसके चलते लोग नारियल पानी और कीवी को अधिक खरीद रहे हैं। इसलिए इनकी कीमत भी बढ़ गईं हैं। नारियल पानी 60 से 70 रुपये व कीवी 40 से 45 रुपये प्रति पीस के हिसाब से बिक रहे हैं।

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दवा काउंटर पर धक्का-मुक्की की बनी रही स्थिति
बुधवार को दोपहर साढ़े 12 बजे दवा लेने के लिए पुरुष व महिलाओं की अलग-अलग कतार लगी हुईं थीं। इस दौरान बीच में घुसने वालों के चलते कई बार धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनती रही। इससे कतार में खड़े कई बुजुर्गों को परेशान होना पड़ा।

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एक सप्ताह से आ रहा बुखार

एक सप्ताह से लगातार बुखार आ रहा है। पहले क्षेत्र में दिखाया, फायदा न होने पर मेडिकल कॉलेज आए हैं। चिकित्सकों ने दवाएं लिखी हैं।
- धनीराम, सिरसा

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10 दिन से बुखार से पीड़ित हैं। ठंड भी लगती है। इसलिए मेडिकल कॉलेज में दिखाने आए हैं। भीड़ अधिक होने से परेशानी हो रही है।
- कांता प्रसाद, बनौसा

बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ी है। जिसके लिए चिकित्सकों समेत अन्य स्टाफ को नियमित ड्यूटी करने के निर्देश दिए गए हैं। मरीजों की सुविधा का ध्यान रखा जा रहा है।

- डॉ. रमाकांत सागर, सीएमएस

पीलीभीत मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मरीजों को देखते चिकित्सक।संवाद

पीलीभीत मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मरीजों को देखते चिकित्सक।संवाद

पीलीभीत मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मरीजों को देखते चिकित्सक।संवाद

पीलीभीत मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मरीजों को देखते चिकित्सक।संवाद

पीलीभीत मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मरीजों को देखते चिकित्सक।संवाद

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