नेपाल सीमा से सटे
हजारा थाना क्षेत्र के ग्राम बाजार घाट में पुलिस और राजस्व कर्मियों की
मिलीभगत से खेत की उपजाऊ मिट्टी का अवैध तरीके से बड़े पैमाने पर खनन किया
जा रहा है।
बताया जाता है कि इंडो-नेपाल बार्डर पर सड़क निर्माण कार्य में
मिट्टी पटान का ठेका लेने वाला ठेकेदार काफी कम पैसे में खेत मालिक की
सहमति से यह खनन करा रहा है। राजस्व व पुलिस महकमा सब कुछ जान कर अंजान बना
हुआ है।
क्षेत्र के ग्रामीणों ने बताया कि इंडो-नेपाल सीमा पर सड़क का
निर्माण कार्य कराया जा रहा है। इस सड़क के निर्माण कार्य में पहले तो बाहर
से मिट्टी लाई जाती रही, लेकिन पिछले एक सप्ताह से संबंधित ठेकेदार सड़क
से मात्र चंद किमी दूर स्थित बाजार घाट गांव के ग्रामीणों की बिना रायल्टी
जमा किए औने-पौने दामों में उपजाऊ मिट्टी खरीद उसका खुदान कर भर कर ले जा
रहे हैं।
खास बात यह है कि यह मिट्टी जिस स्थान से अवैध खनन कर उठाई जा रही
है वह स्थान जल प्लावित रह चुका है साथ ही अभी भी उसके करीब से सुतिया नदी
की एक धारा बहती है। इतना ही नहीं जमीन भूदान अभियान के तहत मिली थी अत:
जमीन पर खेती तो की जा सकती है लेकिन जमीन या उसकी मिट्टी बेची नहीं जा
सकती।
सूत्र बताते हैं कि संबंधित ठेकेदार किसानों से 25-30 हजार रुपये
एकड़ लेकर उसमें दो फीट तक मिट्टी खुदाई कर ले जा रहा है। ग्रामीणों के
मुताबिक इसकी जानकारी राजस्व विभाग व पुलिस दोनों को है, लेकिन कोई
कार्रवाई नहीं की जा रही।
एडीएम ने दिए कार्रवाई के निर्देश
बाजारघाट
में मिट्टी खनन की कोई रायल्टी जमा नहीं हुई है। बिना रायल्टी मिट्टी की
हो रही खुदाई को तत्काल प्रभाव से रोकने व कार्रवाई करने के निर्देश दे दिए
हैं। राजस्व कर्मियों और पुलिस की भूमिका की भी जांच कराई जाएगी।
- आलोक सिंह, एडीएम पीलीभीत
मिट्टी की रॉयल्टी का प्रावधान
यदि
अपनी जमीन की मिट्टी का भी उपयोग करना है तो 10 ट्रॉली से अधिक की मिट्टी
पर रॉयल्टी देनी होती है। इसके लिए प्रशासन से अनुमति भी लेनी होती है।
मिट्टी बेचने की स्थिति में तो रॉयल्टी का अनिवार्य रूप से भुगतान करना
होगा।