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पुलिस की लापरवाई से गई फातिमा की जान

Wed, 25 Mar 2015 11:41 PM IST
जहानाबाद/पीलीभीत।
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गांव गौनेरीदान में फातिमा बी की हत्या के मामले में पुलिस की लापरवाही उजागर हुई है। चाहे दुराचार के प्रयास का मामला हो या इससे पूर्व दोनों पक्षों के बीच हुई मारपीट। दोनाें परिवारों के बीच छह साल से चली आ रही रंजिश को लेकर पुलिस गंभीर नहीं हुई। पुलिस यदि सतर्क होती और आरोपियों को गिरफ्तार कर लेती तो शायद सुलग रही बदले की आग में फातिमा की जान नहीं जाती।
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आठ सौ आबादी वाले इस गांव गौनेरीदान में 80 प्रतिशत अल्पसंख्यक सुमदाय के लोग हैं, जबकि अन्य बिरादरी के 20 प्रतिशत लोग रहते हैं। गांव निवासी निसार अहमद व कंधईलाल के बीच करीब छह साल पहले मछली पले तालाब के किनारे महिलाओं के शौच को लेकर मारपीट हुई थी।

तभी से दोनों के बीच रंजिश चली आ रही है। पुलिस ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की थी। छह महीने पहले लकड़ी उठाने को लेकर तसलीम की पिटाई की गई। पुलिस ने दोनों घटनाओं में कोई कार्रवाई नहीं की। 22 मार्च 15 को युवती के साथ दुराचार के प्रयास की घटना हुई।
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पुलिस ने युवती की ओर से चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट तो दर्ज कर ली, लेकिन आरोपियों को गिरफ्तार करने में रुचि न लेकर बड़ी गलती की। माना जाता है कि यदि पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी कर लेती तो शायद फातिमा की जान नहीं जाती।
सूचना के नौ घंटे बाद मौके पर पहुंची पुलिस
गांव में फातिमा बी की हत्या होने की सूचना मृतका के पिता ने रात करीब 12.30 बजे एसओ को दी, लेकिन पुलिस फिर भी सजग नहीं हुई। मृतका के बहनोई पौटाकलां निवासी मेंहदी हसन ने बताया कि एसओ धनंजय सिंह सुबह करीब 9.30 बजे मौके पर पहुंचे, लेकिन वह सिपाहियों के साथ सरकारी जीप में बैठे रहे। इस पर लोगों में रोष व्याप्त हो गया। एसओ की इस कार्यप्रणाली की शिकायत मोबाइल पर एसपी से की। तब सीओ जहानाबाद मौके पर पहुंचे और पुलिस ने कार्रवाई शुरू की।
सिर पर चोट लगने से हुई थी मौत
गांव गौनेरीबदी निवासी फातिमा बी की मौत पोस्टमार्टम होने से 24 घंटे भीतर यानी मंगलवार की रात करीब एक बजे हुई थी। उसके सिर पर धारदार हथियार के चार घाव मिले हैं। सिर की दो हड्डियां भी टूटी पाई गईं। लाठी-डंडे से पीटे जाने के भी निशान मिले हैं।
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मुझे किसी ने फोन कर घटना की सूचना दी थी। सीओ को मौके पर भेजा था। हत्या जैसे मामले में नौ घंटे तक पुलिस का न पहुंचना गंभीर बात है। वह इसकी जानकारी करेंगे। यदि पुलिस के देरी से पहुंचने की बात सही मिलती है तो कार्रवाई होगी।
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जेके शाही, एसपी
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