यूपी डास्प की क्राप डायवर्सिफिकेशन योजना का लाभ लेने को के लिए अब योजना में सुझाई खेती को अपनाना पड़ेगा। योजना से अनुदान को मिलनी वाली धनराशि का 40 प्रतिशत हिस्सा फसलों और 60 प्रतिशत हिस्सा कृषि यंत्रों पर खर्चा होगा।
अधिक पानी चाहने वाली फसलों का क्षेत्रफल कम करने के लिए डास्प की ओर से क्राप डायवर्सिफिकेशन योजना चल रही है। इसके तहत किसानों धान अथवा अधिक पानी चाहने वाली फसल छोड़कर अन्य फसलें जिसमें दहलनी फसलें प्रमुख हैं उगाने को प्रेरित किया जा रहा है। अब इस योजना में दलहनी फसलों के साथ पौधरोपण एवं कृषि यंत्रों के लिए अनुदान दिया जाता था। लेकिन वर्ष 2016-17 की योजना में कुछ बदलाव किया गया है। अब किसान को योजना से मिलनी कुल धनराशि का 40 प्रतिशत भाग फसल अथवा पौधरोपण पर खर्च करना होगा। ऐसा करने पर भी शेष 60 प्रतिशत धनराशि कृषि यंत्र खरीदने के लिए प्रदान की जाएगी।
यह मिलेंगे कृषि यंत्र
रोटावेटर, ट्रैक्टर (40-70एचपी) रीपर, पावर स्प्रेयर, रेजर लेवलर, सीड ड्रिल आदि।
यह उगानी होंगी फसलें
मूंग, सोयाबीन, मूंगफली, तिल, सूरजमुखी।
इन प्रजातियों का होगा पौधारोपण
नीम, पापुलर, सागौन
योजना में जिले को मिले 60 लाख
डास्प की क्राप डायवर्सिफिकेशन योजना के तहत जिले में 60 लाख रुपये का अनुदान किसानों को दिया जाना है। इसके लिए किसान ऑनलाइन पंजीकरण कराकर योजना का लाभ ले सकते हैं।
क्राप डायवर्सिफिकेशन योजना में कुछ बदलाव किए गए हैं। अब फसल या पौधरोपण करने पर ही किसानों को अनुदान पर कृषि यंत्र उपलब्ध कराए जांएगे। इच्छुक किसान कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं।
- डॉ. विवेकानंद, जिला समन्वयक, डास्प