मिल के केन यार्ड में विरोध जताते किसान । संवाद
बरखेड़ा। बाहर के किसानों से नकद धनराशि देकर गन्ना खरीदे जाने पर मिल क्षेत्र के किसान भड़क गए। हंगामा किया और मिल गेट पर गन्ने की तौल बंद करा दी। पता चला तो मिल अधिकारी मौके पर पहुंचे। किसानों को समझा-बुझाकर शांत कराया। किसानों के विरोध की वजह से करीब तीन घंटे तक तौल बंद रही।
बजाज चीनी मिल बरखेड़ा रात के समय नकद धनराशि देकर गन्ने की खरीद करती है। सोमवार सुबह करीब पांच जब यह बात मिल गेट पर गन्ने की तल कराने आए मिल क्षेत्र के किसानों को पता चली तो वह हंगामा करने लगे। अवैध तरीके से नकद गन्ना खरीदने का आरोप लगाकर तौल बंद करा दी। तौल बंद होने और किसानों के प्रदर्शन की जानकारी मिलते ही गन्ना प्रबंधक सुबोध गुप्ता व एचआर हेड आखिलेश्वर उपाध्याय मौके पर पहुंचे। किसानों से बात की।
किसानों का कहना था कि मिल दूसरे क्षेत्र के किसानों से नकद खरीद कर रही है। उनका भुगतान समय से नहीं होता। हमारे ही पैसे से मिल प्रशासन नगद गन्ना खरीद रहा है। परिणाम यह होगा कि अभी तो चीनी मिल हमें एक साल बाद भुगतान दे रहा है। फिर दो वर्ष बाद भुगतान होगा।
मिल अधिकारियों के समझाने और नकद खरीद न करने के आश्वासन पर किसान मान गए। करीब तीन घंटे बाद मिल गेट पर तौल शुरू हो सकी। किसान कौशल कुमार निवासी विचपुरी ने बताया कि मिल प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि भविष्य में नगद गन्ना खरीद नही की जाएगी।जिला गन्ना अधिकारी खुशीराम भार्गव ने बताया कि नगद गन्ना खरीदना गलत है। मामले जांच कराई जाएगी। दोषी होने पर कार्रवाई की जाएगी।
हमें भुगतान करे, फिर चाहे जैसे खरीदे गन्ना
रम्परा उजहनिया निवासी किसान मुरारी लाल ने बताया कि चीनी मिल हमारे गन्ना बकाए का भुगतान कर दे। फिर जैसे मन को खरीद करे।ताराचंद ने बताया कि हमारा भुगतान रुका ह और मिल नकद खरीद कर रही है। किसान बलकार सिंह व कौशल ने कहा कि मिल को हम किसानों के गन्ने का पहले भुगतान करना चाहिए।