गन्ना भुगतान को लेकर उग्र हो रहा किसान आंदोलन
किसान बोले, 24 घंटे के अंदर भुगतान न मिला तो बंद करा देंगे मिल
दोपहर बाद से तौल बंद होने से अधिकारियों में मची रही खलबली
संवाद न्यूज एजेंसी
बरखेड़ा। बकाया भुगतान न मिलने पर किसानों का आंदोलन उग्र रूप लेता जा रहा है। सोमवार को बजाज हिंदुस्थान चीनी मिल में किसानों ने गन्ने की तौल बंद करा दी। उन्होंने 24 घंटे में भुगतान न होने पर मिल कराने चेतावनी दी। किसानों के आंदोलन में बरखेड़ा से भाजपा विधायक प्रवक्तानंद भी पहुंचे। लेकिन कुछ ही देर रुके। सिर्फ इतना कहकर चले गए कि वह किसानों के साथ हैं।
चीनी मिल पर किसानों का अभी पिछले पेराई सत्र का 97 करोड़ रुपये का भुगतान बाकी है। इस सत्र का भुगतान भी अभी शुरू नहीं हुआ है। इससे किसानों में लगातार नाराजगी बढ़ रही है। सोमवार को जब किसान चीनी मिल में गन्ना लेकर आए तो पिछले सत्र के भुगतान को लेकर उनके सब्र का बांध टूट गया। किसानों ने नारेबाजी करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। इस दौरान विधायक प्रवक्ता नंद भी चीनी मिल पहुंच गए। उन्होंने किसानों से बात की। किसानों ने साफ कहा कि वह अब तक का भुगतान चाहते हैं। लेकिन विधायक किसानों को अपनी बातों से संतुष्ट नहीं कर सके। इसके बाद किसानों ने तौल बंद करा दी।
तौल बंद होने की सूचना से चीनी मिल के अधिकारियों में खलबली मच गई। मौके पर पहुंचे चीनी मिल के सुरक्षा अधिकारी अविनाश शुक्ला ने किसानों से वार्ता का प्रयास किया लेकिन किसान नहीं मानें। किसानों का कहना है कि 24 घंटे के अंदर भुगतान नहीं मिला तो चीनी मिल चलने नहीं देंगे।
किसानों के हंगामे की सूचना पर बरखेड़ा एसओ उदयवीर सिंह फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने किसानों से बातकर तौल शुरू कराने की बात कही लेकिन किसान अपनी जिद पर अड़े रहे। इस दौरान भाजपा नेता व ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि कमलेश कुमार गंगवार ने कहा चीनी मिल के अधिकारी भुगतान दबाएं बैठे हैं। 24 घंटे के अंदर भुगतान नहीं मिला तो चीनी मिल को बंद करा दिया जाएगा। किसानों ने वहां तंबू लगाना भी शुरू कर दिया।
इस दौरान माखनलाल, चंद्रपाल, दिवाकर, ओमपाल ,गोपाल, नत्थू लाल, मुरारी लाल, पंचम लाल सहित सैकड़ों की संख्या में किसान मौजूद रहे।
आठवें दिन भी जारी रहा किसान मजदूर संगठन का धरना प्रदर्शन
बरखेड़ा। बजाज हिंदुस्थान चीनी मिल में राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के बैनर तले दो जनवरी से धरना-प्रदर्शन चल रहा है। प्रदर्शनकारी पिछले पेराई सत्र का भुगतान, वर्तमान सत्र का गन्ने का लाभकारी मूल्य घोषित करने की मांग को लेकर सोमवार को आठवें दिन भी धरने पर बैठे रहे।
आठ दिन बीतने के बाद भी समस्याओं को लेकर अधिकारी गंभीर नहीं हैं। किसान देवेंद्र कुमार ने कहा कि कृषि प्रधान देश होते हुए भी किसानों की दुर्दशा देखने वाला कोई नहीं है। वेदपाल सिंह ने कहा कि जब तक किसान संगठित नहीं होगा तब तक समस्या का समाधान नहीं होने वाला है। उन्होंने कहा कि भुगतान न होने तक धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता अनिल कुमार ने तथा संचालन फूलचंद आचार्य ने किया। धरने पर गोपाल गंगवार, सियाराम गंगवार, जगदीश वर्मा, नत्थूलाल, गिरजाशंकर, दुर्वेश कुमार, प्रमोद कुमार, लाला बिहारी लाल समेत दर्जनों किसान बैठे। संवाद
चीनी मिल गेट पर जारी रहा धरना, जीएम को सौंपा ज्ञापन
पूरनपुर। राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन कार्यकर्ताओं चीनी मिल गेट पर शनिवार को शुरू हुआ बेमियादी धरना-प्रदर्शन सोमवार को भी जारी रहा। सोमवार को धरनास्थल पर पहुंचे जीएम को प्रदर्शनकारियों ने ज्ञापन सौंपा।
गन्ना मूल्य बगैर घोषित गन्ना की खरीद होने, बकाया गन्ना मूल्य का ब्याज सहित भुगतान कराने, सामान्य प्रजाति की गन्ना पर्चियों को जारी कराने आदि की मांग को लेकर बेमियादी धरना-प्रदर्शन चल रहा है। सोमवार को धरना स्थल पहुंचे चीनी मिल जीएम रमाकांत वर्मा और सीसीओ अमित चतुर्वेदी ने वार्ता की। जीएम को प्रदर्शनकारियों ने ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में सामान्य प्रजाति गन्ना की पर्चियां जारी कराने, मिल की पेराई क्षमता बढ़वाने, गलत ढंग से गन्ना सर्वे करने वाले कर्मचारियों को निलंबित कराने, गन्ना मूल्य भुगतान शुरू कराने, गन्ना मूल्य 450 रुपये घोषित कराने की मांग की। ज्ञापन देने वालों में हाजी रियाजतनूर खां, गुरप्रीत सिंह, कुलवंत सिंह, सतनाम सिंह, मोहम्मद मियां आदि थे। संवाद