गन्ने का उत्पादन न करने पर प्रक्रिया से कर दिया गया है बाहर
संवाद न्यूज एजेंसी
बीसलपुर। सहकारी गन्ना विकास समिति के जिन सदस्यों को मतदान प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया है, उनमें से कुछ लोगों ने वोट बहाल कराने के सिलसिले में समिति के चक्कर लगाने शुरू कर दिए हैं।
सहकारी गन्ना विकास समिति के कुल 94 हजार सदस्य है। इनमे से केवल 60 हजार सदस्य ही पिछले कई वर्षों से समिति के माध्यम से क्षेत्रीय चीनी मिलों को गन्ने की आपूर्ति कर रहे हैं। 34 हजार किसान गन्ने की पैदावार नहीं कर रहे। ये किसान गन्ने के स्थान पर अन्य फसलें पैदा कर रहे हैं।
इधर प्रदेश के गन्ना आयुक्त ने 31 जुलाई को सहकारी गन्ना विकास समितियों और किसान सहकारी चीनी मिलों के संचालकों के चुनाव की घोषणा की। चुनाव अगले माह सितंबर मेें होंगे। चुनाव कार्यक्रम घोषित होते ही यहां के समिति के कर्मचारियों ने उसी दिन से मतदाता सूची अपडेट करना शुरू कर दी।
सूची अपडेट होने के दौरान सामने आया कि गन्ना आपूर्ति वाले किसान ही मतदाता की श्रेणी में रखे जाएंगे। ऐसे में गन्ने का उत्पादन नहीं करने वाले 34 हजार किसानों को मतदान से वंचित कर दिया गया। जानकारी मिलने पर ऐसे किसानों में मायूसी फैल गई। ऐसी स्थिति में किसानों ने वोट बहाल कराने के क्रम में समिति कार्यालय के चक्कर लगाने शुरू कर दिए हैं, जिसकी पुष्टि समिति कर्मचारियों ने भी की है।