बिलसंडा। पड़ोसी जिलों से आ रहे धान पर रोक न लगने से नाराज किसानों ने बुधवार को बिलसंडा इलाके के गुरुद्वारा कुर्रैया कलां के पास धान भरी 12 ट्रैक्टर-ट्राॅलियों को रोक लिया। गुरुद्वारे के सामने धरना-प्रदर्शन किया। बिलसंडा पुलिस ने किसान और पदाधिकारियों से बात की, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। कई घंटे हंगामा चलता रहा। ट्रैक्टर-ट्राॅली लेकर भाग रहे चालकों को रोकने में बिलसंडा थानाध्यक्ष का हाथ भी साइलेंसर में लग जाने से जल गया। बाद में एसडीएम बीसलपुर नागेन्द्र पांडे ने किसानों को समझाकर शांत कराया।
बिलसंडा और पूरनपुर क्षेत्र के किसान कई दिनों से पड़ोसी जिलों से आ रही धान भरी ट्रैक्टर-ट्राॅलियों को रोक रहे हैं। तीन दिन पूर्व भी किसान संंगठन के कार्यकर्ताओं ने बिलसंडा इलाके में ट्रैक्टर-ट्राॅली पकड़ी थी। इन्हें बीसलपुर मंडी लाया गया था।
राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के कार्यकर्ताओं ने बुधवार को कुर्रैया कला के समीप जिला शाहजहांपुर से आ रही धान लदी 12 ट्राॅलियों को रोक लिया। सूचना एसडीएम बीसलपुर को दी गई। पुलिस एवं मंडी सचिव भी पहुंच गए। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि मंडी सचिव अपने साथ कुछ लोगों को लेकर आए और धान लदी छह ट्रालियों को ले गए। इस दौरान पुलिस ने ट्राॅली को रोकने का प्रयास किया तो बिलसंडा थानाध्यक्ष सिद्धांंत का हाथ ट्रैक्टर के साइलेंसर में लग जाने से जल गया।
संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष अंग्रेज सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा कि पांच अक्तूबर को बमरौली चौराहे पर धान से भरे ट्रालों को पकड़ा गया। इसमें मंडी सचिव बीसलपुर ने चालकों के नाम मामूली जुर्माना लगाकर उन्हें छोड़ दिया। उन्होंने बिचौलियों से मंडी सचिव की मिलीभगत का आरोप लगाया है। इस बाबत ज्ञापन उप जिलाधिकारी को सौंपा। उधर, मंडी सचिव नाजिम ने बताया कि पकड़ी गई ट्राॅलियों में एक ट्राॅली मंडी पहुंच गई है। तीन चालक ट्राॅली को लेकर भाग गए हैं। इनको पकड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
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सीमा पर रोके दूसरे जिलों से लाए जा रहे धान के वाहन
संवाद न्यूज एजेंसी
पूरनपुर। असम हाईवे पर दूसरे जिलों से आ रहे धान के भरे वाहनों को किसानों ने सीमा पर रोक लिया। गलत ढंंग से आ रहे धान पर कार्रवाई की मांग पर किसान घंटों अड़े रहे। एसडीएम, मंडी सचिव टीम के साथ पहुंचे। पुवायां मंडी की टीम भी पहुंची। जांच के बाद अधिकांश वाहन किसानों के मिलने पर उनको वापस कर दिया गया। किसानों ने सीमा पर ही डेरा जमा रखा है।
अन्य जिलों से औने-पौने दामों मेंं धान की खरीद कर गलत ढंग से लाने के आरोप पर संयुक्त किसान मोर्चा ने बुधवार को असम हाईवे पर जिले की सीमा पर दूसरे जिलों से आने वाले धान के भरे वाहनों को रोकना शुरू कर दिया। करीब 60 वाहन किसानों ने रोक लिए।
एसडीएम अजीत प्रताप सिंह, मंडी समिति सचिव सर्वेश शुक्ला मौके पर पहुंचे। मंडी अभिलेखों पर दूसरे जिले से आए चार धान भरे ट्रकों को ओवरलोड होना बताकर कार्रवाई की मांग की गई। वार्ता के दौरान मंडी समिति सचिव का कहना था कि बाहर से पूरनपुर आने वाले खाद्यान्न पर कार्रवाई नहीं की जा सकती। वजह मंडी की आवक और मंडी शुल्क में वृद्धि होगी। पुवायां मंडी का कार्यभार भी मंडी सचिव सर्वेश शुक्ला के पास होने पर उन्होंने वहां से टीम को बुलाकर कार्रवाई के निर्देश दिए। इस दौरान राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन, भाकियू (अराजनैतिक), भाकियू (टिकैत), भाकियू (चढऩी), अन्नदाता किसान यूनियन सहित अन्य संगठनों के किसान नेता मौजूद रहे।
किसान नेताओं ने असम हाईवे पर जिले की सीमा पर दूसरे जिले से आए धान से भरे वाहनों को रोका था। मंडी समिति सचिव को जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए गए। अवैध ढंग से दूसरों जिलों से धान को नहीं आने दिया जाएगा। मंडी समिति सचिव को निगरानी कराने के निर्देश दिए गए हैं।
अजीत प्रताप सिंह, एसडीएम