पांच सौ व हजार के बंद किए गए नोट से स्कूल फीस लेने से इंकार कर दिया। जिसके बाद किसान ने बच्चों की फीस के लिए मोहलत मांगी तो आरोप है कि स्कूल प्रबंधन ने दोनों बच्चों को प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। नाम काटने की धमकी भी दे डाली। पीड़ित किसान ने सितारगंज के एक निजी स्कूल पर गंभीर आरोप लगाते हुए शिकायत एएसपी से की है।
अमरिया ब्लाक के क्येलारा गांव निवासी फार्मर इकबाल प्रीत सिंह ने एएसपी को दिए पत्र में बताया कि उसकी बेटी तरनपाल कौर और बेटा उत्तराखंड के सितारगंज में एक निजी स्कूल में पढ़ते है। बेटी इंटरमीडिएट और बेटा कक्षा आठ का छात्र है। पीड़ित का कहना है कि एडमीशन कराते वक्त ही उसने स्कूल प्रबंधन को हर साल छह-छह माह की इकट्ठा फीस जमा कराने की बात बता दी थी। बड़े नोट बंद किए जाने के कारण बच्चों की फीस इस माह जमा नहीं हो सकी। स्कूल प्रबंधन ने बड़े नोट लेने से इंकार कर दिया था। ऐसे में पीड़ित ने स्कूल प्रबंधन से कुछ दिन की मोहलत मांगी, लेकिन आरोप है कि इंकार कर दिया। यहीं आरोप है कि फीस जमा न होने की बात पर बच्चों को स्कूल में प्रताड़ित किया जाने लगा। दोनों को घंटों फील्ड में खड़ा रखा जाता है। इसका विरोध करने पर नाम काटने की धमकी दी जा रही है। पीड़ित ने मामले की नामजद शिकायत कर न्याय की गुहार लगाई। एएसपी डॉ.रामसुरेश यादव ने अमरिया पुलिस को प्रकरण की जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए है।