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किसान का छलका दर्द: बारिश से फसल हुई चौपट, अन्नदाता बोला- कोई उम्मीद नहीं है न सहारा है कोई, सब बर्बाद हो गया

Mon, 27 Mar 2023 09:58 PM IST
Digvijay Singh संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत

सार

 किसान सिकंदर सिंह ने तीन एकड़ में खड़ी गेहूं की फसल की ट्रैक्टर से जुताई करवा दी। उनके खेत में पानी भरा हुआ था। जिससे फसल सड़ने लगी थी।    
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बेमौसम बारिश से फसल हुई बर्बाद - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पीलीभीत में बारिश का सितम अब दिखने लगा है। किसान की सोने जैसी फसल पानी में मिल गई। उसके सपने टूट गए। सरकारी इमदाद कब मिलेगी पता नहीं, लेकिन इतना तो तय है कि किसान के यह जख्म जल्दी भरने वाले नहीं। घुंघचाई के किसान ने सोमवार शाम को गेहूं की पकी खड़ी फसल की ट्रैक्टर से जुताई करवा दी दिया। उसके खेत में पानी भरा था। फसल जोतते समय आंखों में आंसू थे।

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बीते सप्ताह बेमौसम बारिश ने किसानों की सैकड़ों बीघा फसल बर्बाद कर दी। खेतों में पकने की कगार पर खड़ी गेहूं की फसल तेज बारिश और हवा के चलते बिछ गई। सबसे ज्यादा नुकसान नीचे जगह वाले खेतों में हुआ। इन खेतों में पानी भर गया। जिससे पूरी फसल बर्बाद हो गई। खेतों में अभी भी पानी भरा हुआ है। ऐसी दशा में किसानों के सामने परिवार का भरण पोषण और कर्ज अदायगी की चिंता बनी हुई है। इधर शासन ने मुआवजे के लिए सर्वे के निर्देश दिए हैं लेकिन अभी तक रिपोर्ट तैयार नहीं हो सकी है। ऐसे में किसानों की मुआवजे को लेकर भी आस टूटने लगी है।

 


घुंघचाई क्षेत्र के गांव चंदुईया के रहने वाले किसान सिकंदर सिंह ने अपने तीन एकड़ में खड़ी गेहूं की फसल को सोमवार शाम को ट्रैक्टर से जोत दिया। उनके खेत में पानी भरा हुआ था। जिससे फसल सड़ने की कगार पर आ गई। सिंकदर का कहना है उन्होंने इस बार 15 एकड में गेहूं की फसल की है। फसल में दवा लगाई ताकी फसल अच्छी हो। फसल लगभग पक चुकी थी लेकिन बारिश ने पानी फेर दिया। अब उनको कोई आस नहीं है। किसान का कहना है कि फसल को रखने से कोई लाभ नहीं दिख रहा था। इसके चलते उन्होंने फसल को खुद जोत दिया।

 

खेत में पानी भर गया था। फसल बबार्द हो गई। क्या करते इसलिए फसल को जोत दिया। अब क्या करें, अब किसी से कोई मदद की उम्मीद नहीं। हाथ में आई फसल चली गई। हम अपना दर्द किससे कहे। कोई खुशी से फसल खत्म नहीं करता। - सिकंदर सिंह, किसान

 

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