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UP News: यूपी के इस जिले में 1.70 लाख किसानों की फार्मर रजिस्ट्री अटकी, केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने भेजा ब्योरा

Tue, 20 Jan 2026 01:26 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली

सार

बरेली जिले में सम्मान निधि योजना का लाभ पाने वाले 1.70 लाख किसानों के आधार कार्ड और भूलेख के विवरण में अंतर पाया गया है, जिसके कारण इनकी फार्मर रजिस्ट्री अटक गई है।  
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : freepik
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विस्तार
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बरेली जिले में 1.70 लाख से अधिक किसानों की फार्मर रजिस्ट्री अटकी है। इनके आधार कार्ड और भूलेख में विवरण में अंतर है। फार्मर रजिस्ट्री के लिए लक्षित 5.02 लाख में से अब तक 3.57 लाख किसानों का पंजीकरण हुआ है। इसमें से 3.53 लाख किसानों की फार्मर रजिस्ट्री बन गई है जो लक्ष्य का 65.55 फीसदी है। 
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केंद्रीय कृषि मंत्रालय की तरफ से उप निदेशक कृषि को सम्मान निधि पाने वाले उन किसानों का ब्योरा मुहैया कराया गया है, जिनके विवरण में अंतर है। ऐसे किसान की संख्या 1,70,709 है। दस्तावेजों की त्रुटियों को रेड, ग्रीन और अंबर श्रेणी में विभाजित किया गया है। रेड श्रेणी में चिह्नित 56,848 किसानों के आधार और भूलेख में नाम आदि की गलतियां हैं। अंबर श्रेणी में चिह्नित 47,680 किसानों के खतौनी और आधार के विवरण में कुछ अंतर है। 

ग्रीन श्रेणी वाले 66,181 किसानों की खतौनी अपडेट नहीं है। अंश निर्धारण जैसी समस्याएं भी हैं। उप निदेशक कृषि ने बताया कि ग्रीन श्रेणी के किसानों के भूलेखों की दिक्कत खत्म करना आसान है, लेकिन रेड और अंबर श्रेणी वाले किसानों की फार्मर रजिस्ट्री में बहुत मुश्किल आ रही है। 
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राजस्व कर्मियों ने किए सिर्फ 3,746 पंजीयन 
बताया जा रहा है कि फार्मर रजिस्ट्री में 52,020 किसानों ने खुद पंजीयन कराया है। 3,746 पंजीयन राजस्व कर्मियों ने किए हैं। शेष 2.67 लाख किसानों के पंजीयन साइबर कैफे से हुए हैं। 
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लेखपाल के स्तर पर 3,761 आवेदन लंबित
वर्तमान में लेखपाल के स्तर पर अप्रूवल के लिए फार्मर रजिस्ट्री पंजीकरण के 3,761 आवेदन लंबित हैं। दैनिक रिपोर्ट के मुताबिक, शनिवार को जिले में 101 किसानों के पंजीकरण हुए हैं। इसमें सदर तहसील से सबसे कम चार और आंवला से सर्वाधिक 31 किसानों के पंजीकरण हुए हैं। 

उप निदेशक कृषि हिमांशु पांडेय ने बताया कि फार्मर रजिस्ट्री के लिए कोई अंतिम तारीख तय नहीं है, लेकिन बीते दिनों निदेशालय स्तर पर हुई बैठक में मार्च तक काम पूरा करने के लिए कहा गया है। कुछ गांव चकबंदी में हैं, इसलिए उन गांवों के किसानों की फार्मर रजिस्ट्री संभव नहीं हो पा रही है। 
 
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