पीलीभीत। फैमिली आईडी बनाने में जिले की स्थिति ठीक नहीं है। करीब आठ माह में लक्ष्य के सापेक्ष सिर्फ 43 फीसद परिवारों की ही आईडी बन सकी है। अभी 50 हजार से अधिक परिवारों की फैमिली आईडी बननी शेष है। खराब स्थिति की वजह प्रचार-प्रसार की कमी और ब्लॉक व नगर निकायों के जिम्मेदारों की उदासीनता बताई जा रही है।
जिन परिवारों के पास राशन कार्ड नहीं है, उनकी फैमिली आईडी बनाई जा रही है। जिले में तहसील, ब्लॉक और नगर निकाय क्षेत्र के 88 हजार से अधिक परिवारोंं की फैमिली आईडी बनाए जाने का लक्ष्य है। लाभार्थी कॉमन सर्विस सेंटर से निशुल्क आवेदन कर फैमिली आईडी बनवा सकते हैं।
मोबाइल फोन और साइबर कैफे से भी आईडी बना सकते हैं। जिम्मेदारों की ओर से फैमिली आईडी बनाए जाने को लेकर दावे तो किए जा रहे, लेकिन काम तेजी नहीं पकड़ रहा। जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि जिले में 88,377 परिवारों की फैमिली आईडी बनाई जानी है। अब तक करीब 36 हजार परिवारों की फैमिली आईडी ही बन सकी है। यह लक्ष्य के करीब 43 प्रतिशत है। शत प्रतिशत लक्ष्य को हासिल करने का प्रयास किया जा रहा है।