खानकाह मकसूदी हसनी जहांगीरी में चल रहे उर्से फखरुल आरफीन का कुलशरीफ के साथ समापन हो गया। इस दौरान मुल्क व कौम की सलामती व तरक्की की दुआएं मांगी गईं।
क्षेत्र के गांव धुंधरी में चल रहे उर्स में बृहस्पतिवार को शमशुद्दीन तुर्क पानीपती दरगाह के सज्जादानशीन हजरत निसार मियां ने कहा कि अल्लाह और रसूले पाक की रस्सी को मजबूती से थामे रहने के लिए वली अल्लाह की बैत जरुरी है। औलिया अल्लाह के दोस्त हैं। इनकी जुबान से जो बात निकल जाती है, रसूले पाक के सदके में अल्लाह पाक पूरी कर देता है। बुरी चीजों से बचने के लिए अल्लाह की निस्वत जरुरी है। कलियर शरीफ के सज्जादानशीन मंसूर एजाज साबरी ने दुआएं खैर की। मौलाना अजीमुद्दीन मकसूदी, सूफी असलम मकसूदी, सूफी रफीक अहमद, हाफिज महफूज आलम, सूफी जानेआलम ने नातो मनकबत पेश की। फातिहा ख्वानी व कुलशरीफ के बाद महफिले रंग में कव्वाल पार्टी ने सूफियाना कलाम पेश किए। सज्जादानशीन हजरत शाकिर हुसैन मियां ने मुल्क व कौम की तरक्की के लिए दुआ फरमाई। इस मौके पर सूफी मौलाना अजीमुद्दीन मकसूदी, सज्जाद हुसैन, मोहम्मद साबिर, सूफी मुन्ने, चेयरमैन जमील, तारिक जमाल, मरगूब अहमद, ताजुद्दीन, मोहम्मद इसहाक, शकील आदि मौजूद रहे।