पूरनपुर आईटीआई का निर्माणाधीन भवन। संवाद
- फोटो : अधिकारियों के साथ बैठक करते गोसेवा आयोग के सदस्य रमाकांत उपाध्याय।
पीलीभीत/पूरनपुर। प्रदेश के 62 राजकीय औद्याेगिक संस्थानों (आईटीआई) को अपग्रेड किए जाने की सूची में पूरनपुर आईटीआई का नाम भी शामिल है। आईटीआई अपग्रेड होने से विद्यार्थियों को कई अन्य कोर्स के साथ ही वर्कशॉप व लैब में बेहतर व्यवस्थाएं मिलेंगी। हालांकि, भवन अधूरा होने की वजह से पूरनपुर में अभी आईटीआई का संचालन नहीं हो रहा है। पूरनपुर आईटीआई पीलीभीत आईटीआई परिसर में ही संचालित हो रही है।
पूरनपुर में राजकीय औद्याेगिक प्रशिक्षण संस्थान के भवन का निर्माण का काम अब तक पूरा नहीं हो सका है। भवन अधूरा होने की वजह से कक्षाओं का संचालन पीलीभीत आईटीआई परिसर में हो रहा है। यहां करीब 400 सीटें हैं।
फिटर, वेल्डर, इलेक्ट्रीशियन, प्लंबर, कोपा आदि ट्रेड में विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। हाल ही में प्रदेश के 62 राजकीय औद्याेगिक प्रशिक्षण संस्थानों को टाटा टेक्नालॉजी लिमिटेड के सहयोग से अपग्रेड किए जाने की सूची जारी हुई है। इसमें पूरनपुर आईटीआई भी शामिल है।
पीलीभीत आईटीआई के प्रधानाचार्य शरत चंद्र सागर वाल ने बताया कि पहले चरण में बरखेड़ा और पीलीभीत आईटीआई अपग्रेड की जा चुकी है। दूसरे चरण में पूरनपुर आईटीआई को शामिल किया गया है।
2013 में शुरू हुआ निर्माण, आठ वर्षों से ठप काम
पूरनपुर आईटीआई का भवन नगर से करीब चार किलोमीटर दूर गांव में बन रहा है। निर्माण वर्ष 2013 में 1.38 करोड़ रुपये से शुरू कराया गया था। दिसंबर 2017 से काम ठप पड़ा है। कार्यदायी संस्था को नोटिस भी दिए गए, लेकिन काम शुरू नहीं हुआ। अब जिम्मेदार भी अधूरे निर्माण को लेकर बेपरवाह हैं।