एक्सरे के लिए कक्ष के लिए जमीन पर बैठीं महिलाएं। संवाद
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मरीजों को लाने-ले जाने के लिए कर्मचारी नहीं, काटने पड़ रहे चक्कर
पीलीभीत। जिला अस्पताल में ट्रामा सेंटर की अव्यवस्थाएं हड्डी रोग से जूझ रहे मरीजों का दर्द और भी बढ़ा रही है। दुर्घटना में हड्डी टूटी, प्लास्टर व अन्य हड्डी रोगियों को ट्रामा सेंटर में भी अधूरी व्यवस्थाएं से दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, जबकि मरीजों के लिए व्हील चेयर व स्ट्रेचर खींचने तक के लिए कर्मी नहीं है। ट्रामा सेंटर पहुंचने वाले मरीज जमीन पर बैठे दिखाई दे रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में ट्रामा सेंटर को शुरू से ही अलग भवन दिया गया, लेकिन उसमें नियमित हड्डी की समस्याओं को लेकर पहुंचने वाले मरीजों को व्यवस्थाओं से दूर रखा गया है। शुक्रवार को भी जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर पहुंचने वाले हड्डी संबंधी मरीजों को पहले अस्पताल के ओपीडी ब्लॉक की कतार में लगकर पर्चा बनवाना पड़ा, जबकि हड्डी ग्रस्त मरीजों को पर्चा बनवाने में काफी समस्याएं होते देखी गईं।
इसके बाद वापस मरीज ट्रामा सेंटर में आकर ओपीडी के इंतजार में कहीं जमीन तो कहीं ट्रामा सेंटर के बाहर बैठे देखे। मरीजों को बैठने की उचित व्यवस्था तक नहीं मिली। इस बीच कई पैर की हड्डी टूटे मरीज प्लास्टर चढ़वाने के बाद रिक्शे तक पहुंचने के लिए जमीन पर खिसटने का सहारा लेते हुए देखे गए, जबकि कुछ मरीज जिनको एक्सरे कराना रहा। वह फिर ट्रामा सेंटर के चिकित्सीय परामर्श के बाद एक्सरे के लिए ओपीडी ब्लॉक में कक्ष के बाहर जमीन पर बैठे दिखाई दिए। जिला अस्पताल अधीक्षक एसपी सिंह का कहना है कि ट्रामा सेंटर को लेकर जल्द ही वह नई योजना बनाएंगे व सुविधाएं बढ़ाएंगे। संवाद