पीलीभीत-भोजीपुरा की नई रेल पटरियों में सुराख
पीलीभीत-भोजीपुरा ब्राडगेज ट्रैक पर हाल ही में बिछाई गई नई रेल पटरियों पर कई स्थानों पर सुराख मिला है। महकमे का इंजीनियरिंग विभाग तेजी से इन पटरियों को बदलने में जुटा है। सुरक्षा की दृष्टि से इस स्थान पर ट्रेनों को कासन के जरिए निकाला जा रहा है। नई रेल पटरियों में आई खामी को लेकर विभाग में हड़कंप मचा है। अधिकारी कुछ बोलने को तैयार नहीं है। पीलीभीत-टनकपुर वाया पीलीभीत रेल खंड पर गत वर्ष जनवरी में ब्राडगेज के कार्य शुरू किए गए थे। प्रथम चरण के तहत पीलीभीत-भोजीपुरा के बीच ब्राडगेज कार्य पूरा कर दो बार सीआरएस निरीक्षण के बाद 14 दिसंबर से इस नवनिर्मित ब्राडगेज ट्रैक पर पांच जोड़ी ट्रेनों का संचालन शुरू किया गया था। हालांकि आधे अधूरे कार्यों के बीच ट्रेनों का संचालन शुरू कर दिया गया। इधर पीलीभीत-भोजीपुरा नवनिर्मित ब्राडगेज ट्रैक को बने छह माह भी नहीं बीते कि खामियां सामने आने लगी हैं। बताते हैं कि इस ट्रैक पर एक की मैन को रेल पटरियों पर कुछ सुराख देखने को मिले। इसकी सूचना उसने उच्चाधिकारियों को दी। मामले को गंभीरता से लेते हुए जब इसका निरीक्षण किया गया तो नौगवा रेलवे क्रांसिग से देवहा पुल तक रेल पटरियों पर कई स्थानों पर सुराख मिले। मामले की सूचना रेल अफसरों को देने के बाद महकमे के इंजीनियरिंग सेक्शन ने शनिवार सुबह से सुराख वाली रेल पटरियों को कटर से काटकर अलग करना शुरू दिया है और उसके स्थान पर दूसरी रेल पटरी बिछानी शुरू कर दी है। नई रेल पटरियों में सुराख क्यों हो रहे हैं? मौके पर मौजूद रेल अफसरों ने इस बारे में बताने से साफ इंकार कर दिया। एक कर्मचारी ने दबी जुबान से बताया कि पटरी में सुराख वाले स्थान पर पहले एक छोटा रिंग बनता है और उसके बाद उसमें सुराख हो रहा है। फिलहाल सुरक्षा की दृष्टि से इस स्थान पर कासन लेते हुए ट्रेनों को 30 किमी की रफ्तार से गुजारा जा रहा है।
पीलीभीत-भोजीपुरा ब्राडगेज ट्रैक पर रुटीन मेंटीनेंस वर्क चल रहा है। यदि रेल पटरी में सुराख हो रहे हैं तो मामले में रेल अधिकारियों द्वारा जांच करवाई जाएगी।- राजेंद्र सिंह, पीआरओ, इज्जतनगर मंडल