विश्वविद्यालय परीक्षा के दूसरे दिन पहली पाली में बीएससी फर्स्ट ईयर के परीक्षार्थियों ने रसायन विज्ञान, दूसरी पाली में बीए थर्ड ईयर के परीक्षार्थियों ने साहित्यिक अंग्रेजी और तीसरी पाली में बीएससी सेकेंड ईयर के परीक्षार्थियों ने रसायन विज्ञान की परीक्षा दी। जेएमबी इंस्टीट्यूट में पहली पाली में 585 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी, जबकि 15 परीक्षार्थी गैरहाजिर रहे। दूसरी पाली में 155 ने परीक्षा में भाग लिया, चार परीक्षार्थी गैरहाजिर रहे। तृतीय पाली में 576 परीक्षार्थियों ने परीक्षा में भाग लिया और तीन परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। उपाधि महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. प्रमोद कुमार सिंह ने बताया कि परीक्षा केंद्र पर तीनों पालियों में 1129 परीक्षार्थियों ने परीक्षा में भाग लिया और 40 परीक्षार्थी गैरहाजिर रहे। वहीं रामलुभाई साहनी महिला महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. सुनीता सक्सेना ने बताया कि तीनों पालियों में 333 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी, जबकि दो परीक्षार्थी गैरहाजिर रहे। तीनों परीक्षा केंद्रों पर आंतरिक सचल दल के सदस्यों ने परीक्षार्थियों की तलाशी ली, लेकिन कोई भी नकलची नहीं पकड़ा जा सका।
बीसलपुर। राजकीय महाविद्यालय में मंगलवार से विश्वविद्यालयीय परीक्षा शुरू हुई। केंद्र व्यवस्थापक डॉ. आरसी वाजपेई ने बताया कि मंगलवार को पहली पाली में बीएससी प्रथम वर्ष के परीक्षार्थियों ने रसायन विज्ञान विषय की परीक्षा दी, जिसमें 160 के सापेक्ष 156 परीक्षार्थी शामिल हुए। चार परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे।परीक्षा केंद्र के आंतरिक सचल दल ने सभी परीक्षार्थियों की सघन तलाशी ली, लेकिन किसी के पास कोई आपत्तिजनक सामग्री नहीं मिली।
ट्रेन में सवार बेटिकट परीक्षार्थी को पकड़ा, परीक्षा छूटी
पीलीभीत। बीसलपुर के गांव कनगवा निवासी सुनील कुमार मंगलवार सुबह करीब आठ बजे उपाधि महाविद्यालय परीक्षा देने आ रहा था। देरी होने के चलते सुनील बिना टिकट ही चलती ट्रेन में सवार हो गया। रास्ते में मजिस्ट्रेट टिकट चेकिंग के दौरान टीटीई ने सुनील को बिना टिकट यात्रा करते पकड़ लिया। परीक्षा होने का वास्ता देकर सुनील ने छोड़ने की गुहार लगाई लेकिन उसे नहीं छोड़ा गया। टीटीई अन्य बेटिकट यात्रियों के साथ उसे साथ लेकर बरेली रवाना हो गए। इस बीच सुनील का प्रवेशपत्र व अन्य कागजात ट्रेन में ही छूट गए। काफी अनुनय विनय करने के बाद टीम ने सुनील को भुतहा के समीप छोड़ दिया, लेकिन समय से न पहुंचने के कारण सुनील परीक्षा देने से वंचित रह गया।