फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

विरोध के बाद भी जेल में ही लगाई शाखा : प्रमोद

विज्ञापन
पूर्व विघायक प्रमोद कुमार उर्फ मुन्नु ।
विज्ञापन
पूरनपुर। पूरनपुर नगर पालिका परिषद के पहले चेयरमैन और राम लहर में विधायक चुने गए प्रमोद कुमार मुन्नू ने श्रीराम मंदिर आंदोलन में शुरू से ही कार सेवा में बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया। श्रीरामजन्म भूमि आंदोलन में वह बरेली और बदायूं की जेल में एक महीने 25 दिन तक बंद रहे। जेल में शाखा लगाने के लिए अन्य कैदियों से उनका झगड़ा हो गया था। मगर जेल में भी उन्होंने शाखा लगानी नहीं छोड़ी। श्रीराम मंदिर निर्माण पर बोले-उनकी जिंदगी का सबसे बड़ा सपना पूरा हो गया है।
विज्ञापन

प्रमोद कुमार प्रधान उर्फ मुन्नू वर्ष 1988 में चेयरमैन चुने गए थे। वर्ष 1991 में राम लहर के चलते जिले की चारों सीटों पर भाजपा का कब्जा हुआ था। तब नगर पालिका परिषद का चेयरमैन रहते हुए उन्होंने विधायकी का चुनाव जीता था। हालांकि बाबरी विध्वंस के बाद दिसंबर 1992 में विधानसभा को भंग कर दिया गया और राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया।
प्रमोद कुमार मुन्नू श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन में एक महीने 25 दिन तक बरेली और बदायूं जिला जेल में बंद रहे थे। वह बजरंग दल के जिला संयोजक थे। पकड़े जाने के बाद बदायूं जेल में उन्होंने शाखा लगानी शुरू की तो काफी विरोध झेलना पड़ा, लेकिन शाखा लगाकर ही माने। तब जेल के कर्मचारी कहा करते थे कि भाई बाहर किसी को यह बात मत बताना।
विज्ञापन

मुन्नू बताते हैं कि श्रीरामजन्म भूमि आंदोलन के दौरान शिला और कलश पूजन हुआ करता था। गांव-गांव जाकर उन्होंने शिलापूजन कराया था। आरएसएस के बड़े नेताओं ने उनको कार सेवकों को अयोध्या भेजने की जिम्मेदारी सौंपी थी। तब उन्होंने क्षेत्र से कई कार सेवकों को ट्रेनों से अयोध्या के लिए रवाना किया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें