पीलीभीत/जहानाबाद। परिषदीय स्कूलों में नया शैक्षिक सत्र शुरू हुए 15 दिन बीत गए हैं, लेकिन अबतक कुछ ही स्कूलों में नई किताबें पहुंच सकी हैं। कक्षा एक से तीन तक के विद्यार्थियों को नई किताबें उपलब्ध नहीं कराई जा सकी हैं। पुरानी किताबों से ही शिक्षण कार्य कराने पर जोर दिया जा रहा है।
बुधवार को ब्लॉक ललौरीखेड़ा क्षेत्र के कई विद्यालयों की स्थिति परखी गई। इस दौरान विद्यालयों में कक्षा पांच को छोड़ शेष कक्षाओं की नई पुस्तकें न मिलने से शिक्षण कार्य प्रभावित होता मिला। बच्चों को पुरानी पुस्तकों के सहारे से पढ़ाया जा रहा है।
किताबें पहुंचीं नहीं, जमीन पर बैठ रहे बच्चे
ब्लॉक ललौरीखेड़ा क्षेत्र के गांव अकबरगंज के प्राथमिक विद्यालय में मौजूदा समय में कुल 48 बच्चों का पंजीकरण है। बुधवार को इनमें से 32 बच्चे उपस्थित रहे। विद्यालय में तैनात शिक्षिका शिखा रानी ने बताया कि विद्यालय में वह अकेली शिक्षिका हैं। विभाग की ओर से महज कक्षा पांच के छात्र-छात्राओं को पुस्तकें उपलब्ध हो सकी हैं, जबकि कक्षा चार के बच्चों को वर्क बुक दी गई है।
फर्नीचर न होने से बच्चे जमीन पर बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं। विद्यालय में दिव्यांग शौचालय व रैंप जैसी सुविधा तक उपलब्ध नहीं है। इससे दिव्यांग बच्चों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
कक्षा पांच के बच्चों को मिलीं नई किताबें
जहानाबाद कस्बे के मोहल्ला पुरैना प्राथमिक विद्यालय में कुल 58 बच्चे पंजीकृत हैं। बुधवार को 44 बच्चे उपस्थित थे। विद्यालय में मात्र दो शिक्षामित्र अध्यापिका तैनात हैं। सभी बच्चे जमीन में अध्ययन करते मिले। विद्यालय का भवन भी काफी जर्जर हालत में था। इस विद्यालय में मात्र कक्षा पांच के बच्चों को ही किताबें मिल सकी हैं।
कक्षा पांच को छोड़ शेष कक्षाओं में नहीं मिलीं नई किताबें
प्राथमिक विद्यालय तेज नगर में कुल 32 बच्चे पंजीकृत हैं। इसमें से 16 बच्चे बुधवार को उपस्थित मिले। कक्षा पांच में ही बच्चों को किताबें मिल सकी हैं। यहां एक शिक्षक के सहारे ही विद्यालय का शिक्षण कार्य हो रहा है। बच्चों के लिए फर्नीचर की भी सुविधा उपलब्ध नहीं है।
पिछले सत्र में भी कक्षा तीन के बच्चों को नहीं मिलीं थीं किताबें
प्राथमिक विद्यालय तेज नगर महताब नगर में कुल 37 बच्चे पंजीकृत हैं। यहां विद्यालय का भवन काफी जर्जर हालत में है। यहां कक्षा पांच के ही बच्चों को किताबें मिल सकी हैंं, जबकि पिछले वर्ष कक्षा तीन के छात्र-छात्राओं को किताबें नहीं मिल सकी थीं।
कक्षा चार से आठ तक की किताबें आ गईं हैं। शेष कक्षाओं की किताबें उपलब्ध होते ही विद्यालयों में भेज दीं जाएंगी। प्राथमिक विद्यालयों में अभी फर्नीचर नहीं मिला है। शिक्षकों की कमी को पूरा करने के लिए भी पत्राचार किए गए हैं। - अमूल कुमार, खण्ड शिक्षा अधिकारी, ललौरी खेड़ा
प्राथमिक विद्यालय तेज नगर महताब नगर का जर्जर भवन। संवाद
प्राथमिक विद्यालय तेज नगर महताब नगर का जर्जर भवन। संवाद