जिले के नौगवां रेलवे क्रासिंग पर प्रस्तावित ओवरब्रिज पर पर्यावरण मंत्रालय ने फिर अड़चन लगा दी है। एनओसी को भेजी गई पत्रावली पूर्व डीएफओ द्वारा हस्ताक्षरित होना बताकर मंत्रालय ने लौटा दी है।
शहर के व्यस्ततम ट्रैफिक वाले नौगवां रेलवे क्रासिंग पर ओवरब्रिज का निर्माण फिर अधर में लटक गया है। दरअसल ओवरब्रिज के प्रस्तावित नक्शे में क्रासिंग के दोनों ओर पेड़ आ रहे हैं। अधिक संख्या में पेड़ होने के कारण तत्कालीन डीएफओ रामेश्वर राय ने पर्यावरण मंत्रालय को पत्रावली भेजकर एनओसी मांगी थी। पर्यावरण पत्रालय भेजी गई पत्रावली कई माह बाद वापस आ गई है। इसे पर्यावरण मंत्रालय ने यह कहकर वापस कर दिया है कि वर्तमान में डीएफओ बदल गए हैं इसलिए मौजूदा डीएफओ की रिपोर्ट होनी चाहिए। डीएफओ आदर्श कुमार ने बताया पर्यावरण मंत्रालय से पत्रावली प्राप्त हुई है। इसपर अपनी रिपोर्ट लगाकर पुन: भेजा जाएगा।
विभाग की जमीन को देने का मांगी अनुमति
पीलीभीत। ओवरब्रिज निर्माण में दूसरा सबसे बड़ा पहलू सामाजिक वानिकी के कार्यालय व कॉलोनी की जमीन का शामिल होना है। अभियंताओं द्वारा बनाए गए ओवरब्रिज के नक्शे में कुछ निर्माण सामाजिक वानिकी के परिसर में भी आ रहा है। इसके लिए डीएफओ ने कंजरवेटर के माध्यम से शासन को पत्र भेजकर अनुमति मांगी है। डीएफओ आदर्श कुमार ने बताया कि चूंकि परिसर के अभिलेख विभाग के संपत्ति कार्यालय में होते हैं और देने का अधिकार भी उनका नहीं है। मुख्यालय से अनुमति मिलने के बाद ही जमीन दी जाएगी।