प्रधानाचार्य डॉ. पीके सिंह ने बताया स्नातक और परास्नातक कक्षाओं में प्रवेश के लिए अभी तक छात्र-छात्राओं को बोर्ड अथवा विश्वविद्यालय से प्राप्त मूल अंकतालिका की छात्रा प्रति लगानी पड़ती थी। कई बार अंकतालिका मिलने में देरी के कारण छात्र-छात्राएं आवेदन करने से वंचित रह जाते थे। उन्हें विलंब से फार्म जमा करना पड़ता था। विश्वविद्यालय ने अब इसमें छूट देते हुए इंटरनेट से प्राप्त अंकतालिका के आधार पर प्रवेश फार्म स्वीकार करने अनुमति प्रदान कर दी है। उन्होंने बताया यदि जांच में नेट से प्राप्त अंकतालिका और मूल अंकतालिका में अंतर पाया जाता है तो प्रवेश निरस्त कर दिया जाएगा।