अतिक्रमण हटाओ अभियान को लेकर प्रशासन ने शुक्रवार को भी सख्ती दिखाई।
स्टेशन रोड पर चावला चौराहे तक अतिक्रमण हटाया गया। वहीं, एक व्यापारी के
जेसीबी चालक से नोकझोंक करने पर उसे हिरासत में ले लिया गया। जुमे की नमाज
के चलते अभियान दोपहर में ही रोक दिया गया।
सिटी मजिस्ट्रेट जितेंद्र
कुमार शर्मा के नेतृत्व में शुक्रवार को भी स्टेशन रोड पर अभियान चलाकर
अतिक्रमण हटवाया गया। सुबह करीब दस बजे से गैस चौराहे से शुरू हुए अभियान
के तहत नाले के ऊपर और बाहर किए गए अतिक्रमण को जेसीबी मशीन से तुड़वाया
गया। गैस चौराहे पर अतिक्रमण हटाने के दौरान एक व्यापारी ने अभियान के
दौरान विरोध करना शुरू कर दिया। संबंधित व्यापारी की जेसीबी चालक से भी
नोकझोंक हो गई। हंगामा बढ़ता देख पुलिस ने व्यापारी को हिरासत में ले
लिया। हालांकि बाद में व्यापारी को छोड़ दिया गया। प्रशासन की सख्ती और
व्यापारी नेताओं की अपील के चलते गैस चौराहे से आगे नाले पर किए गए
अतिक्रमण को कई व्यापारियों ने मजदूरों को लगाकर खुद ही तुड़वाना शुरू कर
दिया। अभियान के दौरान सड़क पर व्यापारियों की खासी भीड़ जमा रही। जुमे की
नमाज के चलते दोपहर करीब साढ़े बारह बजे चावला चौराहा तक अतिक्रमण हटाने के
बाद अभियान को रोक दिया गया। अभियान को लेकर भारी मात्रा में पीएसी और
पुलिसबल मौजूद रहा। इस दौरान एएसपी सुधीर कुमार सिंह, अधिशासी अधिकारी
अरुणमणि त्रिपाठी, सीओ सिटी कौशलेंद्र सिंह पुंडीर समेत नगरपालिका के
अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।
चूना डाल किया चिह्नांकन
स्टेशन
रोड पर कोतवाली चौराहे तक अतिक्रमण हटवाया जाना है। इसको लेकर प्रशासन की
ओर से चूना डालकर अतिक्रमण क्षेत्र को चिह्नित किया गया।
भेदभाव बरतने का लगाया आरोप
स्टेशन
रोड पर शुक्रवार को हटाए जा रहे अतिक्रमण के दौरान कुछ व्यापारियों ने
भेदभाव बरतने का आरोप लगाया। व्यापारियों का कहना था कि स्टेशन चौराहा से
गैस चौराहे तक दुकानों के ऊपर लगे होर्डिंग व बोर्ड तोड़ दिए गए लेकिन अब
आगे होर्डिंग व बोर्ड नहीं हटाए जा रहे हैं। व्यापारी और उनके नेताओं का यह
भी कहना था कि उनसे वाटर टैक्स, हाउस टैक्स, रोड टैक्स आदि तो लिए जाते
हैं, लेकिन उनकी दुकानों के आगे नाले और नालियों का क्या हाल है, यह नहीं
देखा जाता। व्यापारियों का कहना था कि अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान की गई
तोड़फोड़ के बाद सब कुछ वैसे ही छोड़ दिया जाता है। बरसात आने वाली है।
खुली नालियों का पानी दुकानों में न जाए इसके इंतजाम पालिका प्रशासन को
करना चाहिए। अतिक्रमण हटने के बाद कौन अतिक्रमण करवाते हैं, इसकी भी जांच
कर कार्रवाई होनी चाहिए।
अपनों को बचा रहा प्रशासन
अतिक्रमण
की समस्या की जद में कई अधिकारी और कर्मचारी शामिल हैं, जो रिश्वत लेकर
अतिक्रमण करवाते रहे, लेकिन प्रशासन अपनों को बचाने के लिए सिर्फ
व्यापारियों पर रौब दिखा रहा है। विनियमित क्षेत्र में यह अतिक्रमण कैसे हो
गए और इसके लिए कौन अधिकारी कर्मचारी जिम्मेदार हैं, इसकी जांच होनी चाहिए
व दोषियों पर कार्रवाई की जानी चाहिए।
अफरोज जिलानी, जिलाध्यक्ष उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल
फुटपाथी दुकानदारों की हो व्यवस्था
सीतापुर
आंख अस्पताल की जमीन में कुछ दुकानें बनाकर और मीना बाजार में दुकानें
बनवाकर प्रशासन फुटपाथ दुकानदारों को आवंटित करे, जिससे उनकी रोजी-रोटी की
समस्या हल हो सके। अतिक्रमण रामस्वरूप पार्क और गल्ला-किराना मंडी में भी
हटना चाहिए।
- राजेश अग्रवाल, प्रदेश मंत्री उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल