बकाया मानदेय दिलाने समेत विभिन्न मांगों को लेकर चल रहा प्रेरकों का धरना शनिवार को समाप्त हो गया। धरनास्थल पर 22 नवंबर तक लंबित मांगों का निराकरण न होने पर 28 नवंबर को विधानसभा घेराव करने का निर्णय लिया गया।
नेहरू पार्क में चल रहे धरने में समिति के प्रदेश महामंत्री ईशम सिंह व जिलाध्यक्ष बरेली बीएल आर्या ने प्रेरकों का उत्साहवर्धन किया। प्रदेश महामंत्री ने कहा कि प्रेरकों की समस्याओं को लेकर अब आरपार की लड़ाई का एलान किया गया है। प्रांतीय अध्यक्ष द्वारा पूर्व में 23 नवंबर को विधानसभा घेराव काकार्यक्रम निर्धारित किया गया था। किन्हीं कारणवश यह घेराव अब 28 नवंबर को होगा। उन्होंने जिले भर के प्रेरकों से लखनऊ चलने का आह्वान किया। जिलाध्यक्ष पिंकीरानी ने कहा कि यदि प्रेरकों का शोषण बंद नहीं हुआ तो सरकार को अपनी ताकत का अहसास कराया जाएगा। इसके बाद प्रेरकों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रमुख सचिव को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को दिया। ज्ञापन में लंबित चल रही नौ सूत्रीय मांगों को निराकरण कराने की मांग की गई। धरना देने वालों में कोषाध्यक्ष अतीक अहमद, ब्लाक अध्यक्ष दानिश, बबलू शर्मा, हेमावती, राधेश्याम, इमरान हुसैन, सावित्रीदेवी, कमलेश कुमारी, लक्ष्मीदेवी, गुड्डीदेवी, गनेशीदेवी, राजेंद्र कुमार, उमाचरन, विजय कुमार पाल, सरोज मिश्रा, नरेश बाबू, शुमैला, शबनम, सायमाबी, सेवाराम, मनोहरलाल आदि प्रेरक शामिल रहे।