पीलीभीत। प्रदेश सरकार के बजट में गन्ना मूल्य के भुगतान के लिए 457 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इससे बकाया भुगतान जल्द होने की उम्मीद है। हालांकि, गन्ना मूल्य न बढ़ने से जिले के किसान निराश हैं।
तराई के अधिकांश किसान गन्ने की खेती से जुड़े हैं। यही कारण है कि केंद्र और प्रदेश सरकार के बजट से जिले के किसानों को काफी उम्मीदें रहती हैं। जिले में चार चीनी मिलें हैं। इनमें शहर की एलएच और बरखेड़ा की बजाज चीनी मिल निजी और पूरनपुर व बीसलपुर में सहकारी चीनी मिल शामिल हैं।बीसलपुर चीनी मिल से करीब 20 हजार गन्ना किसान जुड़े हैं। चीनी मिल 19 जनवरी तक खरीदे गन्ने के मूल्य का भुगतान कर चुकी है। 23.37 करोड़ रुपये गन्ना भुगतान अभी बकाया है। वहीं, पूरनपुर चीनी मिल से भी करीब 20 हजार किसान जुड़े हैं। जिला गन्नाधिकारी खुशीराम भार्गव ने बताया कि बजट में मूल्य भुगतान के लिए धनराशि की व्यवस्था होने से सहकारी चीनी मिलों से जुड़े किसानों को लाभ होगा।
आंकड़ों में गन्ने की खेती और किसान
- 3.61 लाख किसान हैं जिले में।
- 2.25 लाख किसान गन्ने की खेती से जुड़े हैं।
- 01 लाख हेक्टेयर पर भूमि पर गन्ने की खेती होती है।
- 04 चीनी मिलें संचालित हैं जिले में।
- 02 सहकारी चीनी मिलें हैं।
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किसान सहकारी चीनी मिल बीसलपुर से किसानों का रुका हुआ गन्ना मूल्य भुगतान जल्द मिलने का रास्ता साफ हो गया है। भुगतान मिलने से किसानों को काफी राहत हो जाएगी।- सोनू मिश्रा कृषक गांव बसारा बीसलपुर