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Pilibhit News: तीन लाख रुपये का गबन, जेई भी निलंबित

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पीलीभीत। बीसलपुर ब्लाॅक के गांव चुर्रासकतपुर में अलग-अलग मदों में सरकारी धनराशि का दुरुपयोग कर दिया गया। अंतिम जांच में प्रधान, सचिव, जेई, तत्कालीन सचिव और तकनीकी सहायक दोषी पाए गए। डीएम ने जांच रिपोर्ट मिलने पर गबन किए गए तीन लाख रुपये की वसूली करने के आदेश दिए। साथ ही जेई के निलंबन और तकनीकी सहायक की संविदा समाप्त करने के आदेश जारी किए हैं।
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गांव निवासी झनकार सिंह, राजकुमार, रोशनलाल ने शपथपत्र देकर गांव में विकास कार्यों के नाम पर फर्जीवाड़ा करने की शिकायत की थी। शिकायत को लेकर डीएम ने जांच टीम गठित की। जांच अधिकारी जिला गन्ना अधिकारी एवं शारदा सागर खंड के सहायक अभियंता ने मामले की जांच कर रिपोर्ट सौंपी।
इसमें छह विकास कार्यों में 4.57 लाख रुपये का गबन पाते हुए प्रथम दृष्टया ग्राम प्रधान और सचिव को दोषी पाया। डीएम संजय कुमार सिंह ने छह जून को वित्तीय अनियमितताओं पर चुर्रासकतपुर की ग्राम प्रधान शबाना के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिए। वहीं सचिव रितेश शुक्ला को निलंबित कर दिया।
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मामले की अंतिम जांच के लिए उपायुक्त श्रम रोजगार एवं आरईएस के अधिशासी अभियंता को जांच अधिकारी नामित किया। जांच करने के बाद रिपोर्ट डीएम को सौंपी गई। इसमें भी 3,01498 रुपये का गबन पाया गया। डीएम ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए ग्राम प्रधान, सचिव और लघु सिंचाई विभाग के जेई से रिकवरी के आदेश जारी किए हैं।
इसके साथ ही ग्राम प्रधान शबाना से 1, 06286 रुपये की वसूली भूराजस्व की भांति और आरोपी सचिव रितेश शुक्ला से 1,06286 रुपये की वसूली करने के निर्देश दिए हैं। डीडीओ को सचिव के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के लिए भी निर्देशित किया है।
फर्जीवाड़े में शामिल लघु सिंचाई विभाग के जेई वीके दीक्षित से 88,926 रुपये वसूलने एवं अधिशासी अभियंता लघु सिंचाई खंड शाहजहांपुर को दोषी जेई के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
इसके अलावा जांच में दोषी पाए तत्कालीन सचिव भगवतसरन गंगवार के खिलाफ डीपीआरओ बरेली को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सचिव वर्तमान में बरेली जिले में तैनात है। दोषी तकनीकी सहायक मनीष प्रजापति की संविदा समाप्त करने के लिए उपायुक्त श्रम रोजगार को निर्देशित किया गया है। डीएम की ओर से हुई कार्रवाई से पंचायत राज विभाग में खलबली मची हुई है।
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