माधोटांडा (पीलीभीत)। शारदा नदी पार नेपाल की ओर से आए उत्पाती हाथी शांत नहीं हो रहे हैं। रविवार रात जंगल से बाहर निकले दो हाथियों ने किसानों की फसलों को रौंद डाला। ग्रामीणों के मुताबिक उनकी करीब तीन एकड़ फसल हाथियों ने बर्बाद कर दी। शनिवार को वन दरोगा ने शारदा पार जाकर स्थिति का जायजा लिया।
पिछले दिनों शारदा पार से भटककर पीलीभीत के जंगल होते हुए आगे निकले हाथियों ने बरेली और रामपुर जिले में जमकर उत्पात मचाया था। उत्पाती हाथियों ने तीन लोगों की जान ले ली थी। शासन तक मामला पहुंचने के बाद लाखों रुपये खर्च करके हाथियों को शारदा नदी के पार पहुंचाया गया था। इसके बाद से दो हाथी लग्गा भग्गा क्षेत्र में शरण लेकर ढकिया ताल्लुके महाराजपुर व गोरख डिब्बी क्षेत्र में उत्पात मचाए हैं। इस क्षेत्र में थारू जनजाति के छोटे किसानों के अलावा कुछ बंगाली भी रहते है। जिन्होंने धान की फसल लगा रखी है। रात होते ही हाथी गांव की सीमा में दस्तक देकर फसलों को रौंद डालते हैं। इन हाथियों को रोकने के लिए विभागीय स्तर से कोई संजीदगी नहीं दिखाई जा रही है।
इधर, रविवार रात भी हाथियों ने परिमल बैरागी, विद्युत, समीर, निर्मल व छोटे समेत किसानों की करीब तीन एकड़ फसल को नष्ट कर दिया है। वहीं हाथियों की बढ़ती सक्रियता के बाद शनिवार शाम क्षेत्रीय वन दरोगा ओम प्रकाश ने शारदा नदी के पार पहुंचकर हाथियों की स्थिति को परखा और ग्रामीणों से बातचीत की है।
छोटा हाथी है ज्यादा उत्पाती
ग्रामीणों ने बताया कि रात को हाथियों की आमद के बाद जब खदेड़ने के प्रयास करते है तो एक छोटा हाथी ग्रामीणों को दौड़ा लेता है। कभी भी वह हमलावर हो सकता है। उनका कहना है कि टाइगर रिजर्व इस मामले में कोई ध्यान नहीं दे रहा है और कृषि फसलें लगातार बर्बाद हो रही है।
शारदा नदी के पार हाथियों की दस्तक को देखते हुए क्षेत्रीय रेंज के वनकर्मियों को निगरानी रखने के लिए निर्देश किया गया है। कॉरिडोर होने के चलते हाथी आते-जाते रहते है। किसानों की सहूलियत के लिए जल्द ही निर्णय लिया जाएगा।
- नवीन खंडेलवाल, डीएफओ