धान की नुकसान हुई फसल को देखता किसान।स्रोत:ग्रामीण
पूरनपुर। नेपाल से दुधवा होते हुए सेहरामऊ उत्तरी थाना क्षेत्र में सप्ताह भर पहले पहुंचे हाथियों ने मंगलवार रात गांव श्रीनगर और पटिहन के खेतोंं में घुसकर छह किसानों की गन्ना और धान की फसल रौंद डाली। रात में खेतों में आने वाले हाथी सुबह होते ही जंगल में घुस जाते है। हाथियों की चहलकदमी न रुकने से किसानों में रोष है।
सेहरामऊ उत्तरी थाना क्षेत्र में नेपाल से दुधवा होते हुए आए तीन हाथी सप्ताह भर पहले क्षेत्र में खेतों में घुसकर धान और गन्ना की फसल खाने के साथ कुचलकर खराब कर रहे हैं। हाथी शाम होते ही जंगल से निकलकर खेतों में आ जाते हैं और सुबह होते ही फिर जंगल में चले जाते हैं। मंगलवार की रात हाथियों ने गांव श्रीनगर निवासी महेश कुमार, गांव पटिहन निवासी बिल्लू, उनके भाई और गांव के बांकेलाल के गन्ना के खेतों में घुसकर गन्ना की फसल खाई और कुचलकर खराब की।
इसके अलावा गांव पटिहन निवासी विनोद कुमार, रामचंद्र के धान के खेत में घुसकर धान की फसल खाई और खराब की। हाथियों के खेतों में घुसकर फसलें खाने और खराब करने की जानकारी किसानों को सुबह खेतों में पहुंचने पर हुई। किसानों ने इसकी जानकारी खुटार रेंज के वनकर्मियों को दी।
रेंजर खुटार मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि हाथियों की निगरानी लगातार कराई जा रही है। लोगों को रात में समूह के साथ निकलने, हाथियों की आहट पर पटाखे दागने, शोर-शराबा करने को कहा गया है। ताकि हाथी खेतों में भाग जाए। उन्होंने बताया कि रात को खेतों में आने वाले हाथी दिन में पीटीआर में घुस जाते हैं। पीटीआर से किसी जंगली जानवर को खदेड़ा नहीं जा सकता है।