बिजली चोरी करने वालों को दंडित होने से बचने और समन शुल्क से राहत पाने के लिए अपने जुर्म को विभागीय अफसरों के सामने खुद कबूल करना होगा। ऐसा करने पर न सिर्फ विभाग उनकी एफआईआर नहीं कराएगा। बल्कि मीटर बदलवाकर समन शुल्क भी नहीं लिया जाएगा। बकाएदारों को राहत देने के लिए ऐमनेस्टी योजना 15 अप्रैल को शुरू की जा चुकी है। इसके तहत उपभोक्ताओं को सरचार्ज में सौ प्रतिशत की छूट दी जा रही है। इसके लिए सिर्फ एक हजार रुपये का रजिस्ट्रेशन कराना पड़ रहा है। इससे न सिर्फ बकाएदारों की फेहरिस्त कम होगी, बल्कि बिजली चोरी को भी रोका जा सकेगा। इसी क्रम में अब एक और राहत बिजली चोरी करने वालों को दी गई है। उनको विभागीय छापामारी के दौरान पकड़े जाने पर जुर्माना के अलावा कानूनी कार्रवाई से भी जूझना पड़ता है। अगर कोई स्वत: बिजली चोरी करने की बात विभागीय अफसरों से कबूल करेगा। ऐसे में उसको काफी मदद विभाग की ओर से मिलेगी। अधिशासी अभियंता रणजीत चौधरी ने बताया कि मीटर में गड़बड़ी या बिजली चोरी करने की बात को उपभोक्ता को अपने प्रार्थना पत्र में लिखकर देना होगा। इसके बाद विभाग उस पर एफआईआर नहीं कराएगा। उसका तत्काल मीटर चेंज कराया जाएगा। उससे समन शुल्क भी नहीं वसूला जाएगा। अन्यथा विभागीय छापामारी में पकड़े जाने पर कोई छूट नहीं मिलेगी।