टाइगर रिजर्व की माला रेंज के गढ़ा बैरियर पर तैनात निकासी मुंशी ने 10 मार्च को केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी पर जंगल में आग के बारे में जानकारी लेने के दौरान पिटाई का आरोप लगाया था। उसने घटना की तहरीर उसी दिन शाम को गजरौला पुलिस को दी थी, लेकिन पुलिस ने जांच की बात कहकर उसे टरका दिया। मंगलवार को निकासी मुंशी लखनऊ पहुंचा और बरखेड़ा विधायक हेमराज वर्मा के सहयोग से मुख्यमंत्री कार्यालय पहुंचा। रूपलाल ने बताया उसने पंचमतल पर मुख्यमंत्री कार्यालय में पत्र देकर न्याय की मांग की है। वहीं बुधवार को भी इस मामले में पुलिस कार्रवाई शून्य रहीं। पीड़ित की न तो रिपोर्ट दर्ज हुई और न ही बयान दर्ज करने की फुर्सत मिली। हालांकि स्वयं पीड़ित ने पुलिस को फोन कर अपनी कार्रवाई के बारे में जानकारी मांगी, फिर भी उसके बयान नहीं लिए गए। इस बाबत जानकारी करने पर गजरौला थाना प्रभारी इंस्पेक्टर अशोक बुद्धप्रिय ने बताया कि उनकी निकासी मुंशी से बात हो चुकी है। बृहस्पतिवार को उसके बयान दर्ज किए जाएंगे।
कर्मचारी यूनियन आज लेगी निर्णय
निकासी मुंशी रूपलाल ने बताया कि अब तक रिपोर्ट और बयान दर्ज न होने की जानकारी उसने वनरक्षक संघ के प्रांतीय महामंत्री शैलेंद्र प्रताप सिंह को दी है। इस पर उन्होंने बृहस्पतिवार को पदाधिकारियों से वार्ता कर आंदोलन पर रणनीति बनाने की बात कही है। रूपलाल ने बताया प्रांतीय पदाधिकारियों के निर्देश पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
आईजी सिविल डिफेंस ने दिए कार्रवाई के निर्देश
पीलीभीत। टाइगर रिजर्व के गढ़ा बैरियर परह केंद्रीय मंत्री सांसद मेनका गांधी द्वारा वनकर्मी की पिटाई के मामले को सिविल डिफेंस लखनऊ के आईजी अमिताभ ठाकुर ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने एसपी जेके शाही से मोबाइल पर मामले की जानकारी ली और कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। आईजी अमिताभ ठाकुर ने बताया कि उन्होंने एसपी पीलीभीत जेके शाही से घटना की जानकारी ली और उन्हें कार्रवाई के लिए निर्देशित किया है। इसके अलावा उन्हाेंने इस संबंध में प्रदेश शासन को भी पत्र लिखकर पूरे घटना क्रम से अवगत कराया है।